UP News: उत्तर प्रदेश के Saharanpur जिले के सांगाठेड़ा गांव में एक प्रेम प्रसंग ने अचानक कानून-व्यवस्था का रूप ले लिया है। एक हिंदू युवती के मुस्लिम युवक के साथ घर से जाने की खबर सामने आते ही गांव में तनाव फैल गया। परिजनों ने पहले युवती के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें युवती खुद कहती दिखाई दे रही है—“मैं बालिग हूं और अपनी मर्जी से आई हूं।” इस बयान के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लापता होने से वायरल वीडियो तक, कैसे बढ़ा मामला
परिवार के अनुसार, युवती कुछ दिन पहले अचानक घर से गायब हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उसे बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। जांच के दौरान सामने आया कि वह एक युवक के साथ गई है, जिससे उसका पहले से परिचय था।
इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में युवती शांत तरीके से कहती नजर आ रही है कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से युवक के साथ आई है। वह यह भी कहती है कि उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। जहां एक ओर कुछ लोग इसे दो बालिगों का निजी निर्णय बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गांव में कुछ लोग इस पर आपत्ति जता रहे हैं।
गांव में बढ़ा तनाव, पुलिस ने संभाली कमान
मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर फोर्स लगाई गई है ताकि किसी तरह की अफवाह या विवाद से शांति भंग न हो।
पुलिस ने युवती और युवक दोनों के परिवारों से बातचीत शुरू की है। साथ ही युवती की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह कानूनी रूप से बालिग है या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि यदि युवती बालिग पाई जाती है और उसका बयान स्वेच्छा का है, तो कानून उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। पुलिस की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
कानूनी अधिकार बनाम सामाजिक भावनाएं, बहस जारी
यह मामला अब सिर्फ एक प्रेम संबंध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है। एक ओर परिवार और समुदाय की भावनाएं हैं, तो दूसरी ओर एक बालिग व्यक्ति के अपने जीवन का निर्णय लेने का अधिकार भी है। यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का है, तो उसे अपनी पसंद से विवाह या संबंध बनाने का अधिकार है, बशर्ते इसमें किसी प्रकार का दबाव, धोखा या अवैध गतिविधि शामिल न हो। ऐसे मामलों में पुलिस का काम तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना और कानून के अनुसार निर्णय लेना होता है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता गांव में शांति बनाए रखना और सभी पक्षों को समझाकर स्थिति को सामान्य करना है। आने वाले दिनों में युवती के आधिकारिक बयान और दस्तावेजी जांच के बाद मामला पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब व्यक्तिगत फैसले सार्वजनिक बहस का विषय बन जाते हैं, तो कानून और समाज के बीच संतुलन कैसे कायम रखा जाए। फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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