आप अपनी थाली में चावल की जगह जहर परोस रहे हैं..रिसर्च में झूठे साबित हुए कंपनियों के दावे

देश में खाने पीने का सामान हमेशा चर्चा में रहता है। हमेशा की मार्केट से लाया हुआ सामान कई तरीकों का मिलता है। जिसके चलते एक ही सामान अच्छी और बुरी क्वालिटी पर निर्भर करता है। और यही आम इंसान की मानसिकता भी बन गई है। अगर मार्केट से लाया हुआ सामान महंगा और अच्छी पैकिंग में होगा साथ ही दिखने में भी अच्छा होगा। तो हर इंसान उस सामान को उच्च क्वालिटी का मानेगा। यही हाल बाजार में बिक रहे चावल की है। जिसकी क्वालिटी इस बार पर निर्भर करती है कि चावल अनपॉलिश्ड। लेकिन क्या आपको पता है जो चावल आपको अनपॉलिश्ड कह कर बेचे जाते है वो भी सफेद और पॉलिश चावल हो सकते है। इतना ही नहीं, ये चावल डायबीटिक फ्रेंडली भी होते है। दरअसल मद्रास डायबीटिक रिसर्च फाउंडेशन (MDRF) के फूड साइंटिस्टों ने सुपर मार्केट के 15 तरह के ‘हेल्दी’ चावलों का टेस्ट किया। इस टेस्ट के नतीजे चौंकाने वाले थे। ज्यादातर मामलों में पैकेट पर जिन दावों का जिक्र किया गया, वे खोकले साबित हुए। यानी की चावल हकीकत से कोसों दूर है।

सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा ब्राउन राइस का सामने आया। जो अपने ब्रैंड की वजह से ही मार्केट में ऊंचे दाम पर बिक जाता है। लेकिन ब्राउन राइस की रिपोर्ट में जो दावा हुआ उसके मुताबिक उसका ग्लिसेमिक इंडेक्स (GI) महज 8.6 है। वासुदेवन बताती हैं कि इंटरनैशनल GI टेबल में किसी चावल में इतने कम GI का आजतक कभी कोई जिक्र ही नहीं आया है। चावल में निम्नतम GI करीब 40 के आस-पास पाया गया है। हैरानी की बात तो ये है कि जो ब्राउन राइस बाजार मे लोगों को अनपॉलिश्ड के नाम से बैचे जाते है वो अनपॉलिश्ड नहीं होते। बल्कि इन्हें उबालकर ये रंग दिया जाता है। स्टडी की एक और को-ऑथर MDRF की फूड साइंटिस्ट शोभना शनमुगम ने बताया, ‘जांच में चावल को आधा उबला हुआ ब्राउन राइस पाया गया।’ ये चावल अनपॉलिश्ड नहीं थे। आधे उबले होने की वजह से उनका कलर ब्राउन था। पकाते वक्त ये चावल और ज्यादा पानी सोखते हैं, जिससे उनमें स्टार्च का स्तर बढ़ता है। नतीजतन GI का स्तर भी बढ़ जाता है।

क्या है GI
जीआई किसी भी खाद्य सामान मे कार्बोहाइड्रेट का स्तर बताता है। कार्बोहाइड्रेट से खून मे ग्लूकोज का स्तर प्रभावित होता है। जिसके चलते कम जीआई वाले सामान ही खाने के लिए सबसे अच्छे माने जाते है। माना जाता है कि 55 से नीचे GI में कम होता है और 44-69 GI को मध्यम और 70 से ऊपर को उच्च माना जाता है। कम GI वाले खाद्य पदार्थ न सिर्फ ब्लड शुगर घटाते है बल्कि हृदय से जुड़ी बीमारियों और टाइप 2 डायबीटीज का भी खतरा कम करते हैं। दाल और सब्जियों में कम GI होता है, जबकि अनाजों में GI का स्तर आम तौर पर मध्यम होता है। ये भी पढ़ें:- 40 की उम्र में भी 25 की नज़र आएंगी, खाने में शामिल करें ये खास विटामिन

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