पंचर की दुकान पर काम करते थे वरुण बरनवाल, आज कड़ी मेहनत से बने IAS ऑफिसर

109
VARUN

यूपीएससी की परिक्षा को पास करने के लिए हर छात्र कड़ी मेहनत करता है और इनकी मेहनत की कई कहानियां आज तक सामने आई है। जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। लेकिन अब इसी परीक्षा को पास करने वाले ‘वरुण बरनवाल’ के संघर्ष की कहानी भी सामने आ गई है। जिसे सुनकर हर किसी के होश उड़ गए। क्योंकि वरुण बरनवाल ने  खास  जिंदगी बिताते हुए यूपीएससी की परीक्षा को पास नहीं किया। बल्कि एक पंचर की दुकान पर काम करने से लेकर ट्यूशन पढ़ाने जैसे काम करने के बाद वरुण बरनवाल आज एक आईएएस (IAS) अधिकारी बने है।

कौन है वरुण बरनवाल
आईएएस (IAS) वरुण बरनवाल (Varun baranwal) महाराष्ट्र के रहने वाले है। उनका जन्म महाराष्ट्र के पालघर में हुआ था। वरुण बचपन से ही पढ़ने मे काफी होशियार थे। उन्होंने अपने 10वीं के अंक देखने के बाद ही तय कर लिया था कि वह एक IAS अधिकारी बनेंगे। क्योंकि 10वीं कक्षा में उन्होंने टॉप किया था और साल 2013 में वरुण बरनवाल का सपना पूरा हो गया था। वरुण ने साल 2013 में यूपीएसई की परीक्षा पास की। इस दौरान उन्होंने 26वां रैंक हासिल किया था। जिसके बाद उन्हें गुजरात में ‘डिप्टी कलेक्टर’ के रूप में नियुक्त किया गया है। वरुण बरनवाल ने अपने जीवन में कड़ी मेहनत करने के बाद ही इस मुकाम को हासिल किया है

पंचर की दुकान पर किया काम
दरसल आईएएस वरुण बरनवाल के पिता साइकिल रिपेयरिंग की दुकान में काम करते थे लेकिन जब वरुण 10वीं कक्षा में थे। तो उनके पिता का निधन हो गया। जिस वजह से अपनी पढ़ाई से लेकर घर की सारी जिम्मेदारी वरुण के कंथे पर आ गई थी लेकिन इसके कुछ समय बाद ही वरुण का 10वीं का रिजल्ट आया। जिसमें उन्होंने टॉप किया था। इसके बाद वरुण ने तय कर लिया था कि वह IAS बनेंगे। इसके बाद वरुण ने अपने परिवार और अपनी पढ़ाई के लिए पंचर की दुकान पर काम करना शूरू कर दिया। इसके अलावा वह ट्यूशन भी पढ़ाते थे।

डॉक्टर और टीचर ने की मदद
वरुण के पिता का जिस डॉक्टर ने इलाज किया था उन्होंने पिता के जाने के बाद वरुण की पढ़ाई का सारा खर्चा उठाया। डॉक्टर ने वरुण की फीस, फॉर्म, किताबों के साथ पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया। इतना ही नहीं, स्कूल के प्रिसिंपल ने भी वरुण की फीस को माफ कर दिया। स्कूल की तरफ से वरुण की दो साल की पूरी फीस माफ कर दी गई। इसके अलावा ट्यूशन फीस और स्कॉलरशिप की मदद भी की गई।

ये भी पढ़ें:-उत्तर-प्रदेश में रातों-रात 25 आईएएस अफसरों का हुआ तबादला, जानिए कौन बना लखनऊ का नया डीएम