इस भारतीय ने पानी से चलाई कार, एक लीटर में 30 किमी मिलेगी माइलेज, जानें कौन-सी है तकनीक

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हम हमेशा सोचते है कि काश गाड़ियां भी पानी से चलने लगे। ताकि पेट्रोल और डीजल की समस्या से हम फ्री हो जाए। आज के समय में पेट्रोल और डीजल की कीमत तो सब ही जानते है। इनकी कीमत अब आमपान पर पहुंच गई है। बढ़ती कीमत की वजह से हर कोई परेशान है। जिसकी वजह से इलेक्ट्रिक गाड़ियों चलाई जा रही है लेकिन ये भी इतनी महंगी होती है कि आम आदमी की पहुंच इन इलेक्ट्रिक कारों तक नहीं होती। जिसकी वजह से आम आदमी ना तो गाड़ी ले पाता है और ना ही इलेक्ट्रिक कार। लेकिन हैदराबाद के एक शख्स ने गाड़ी में पेट्रोल की समस्या को ही खत्म कर दी है क्योंकि इस शख्स ने पानी से गाड़ी को चलाकर दिखाया है।

इस शख्स का नाम सुंदर रमैया है। जो हैदराबाद के रहने वाले है। जो पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर है। सुंदर रमैया ने देश मे बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग को ध्यान में रखते हुए एक खास जल ईंधन तकनीक को विकसित किया है। ये तकनीक पेट्रोल और डीजल के बिना गाड़ी को चला सकती है। इस तकनीक की मदद से गाड़ी पानी से भी चल सकती है। दरअसल सुंदर रमैया ने एक खास किट कार्बोरेटर बनाई है जो हाइड्रोजन का उत्सर्जन करेगी। इस तकनीक के जरिये गाड़ियां पानी से चलेगी।

सुंदर रमैया का कहना है कि इस तकनीक की दक्षता सामान्य ईंधन से भी ज्यादा है। अभी तक कोई भी यूनिर्वसल ईंधन तकनीक बाजार में नहीं आई है, जिस पर पेट्रोल या डीजल के वाहन चल सकें। उनकी तकनीक के इस्तेमाल से कार एक लीटर पानी में 30 किमी तक का माइलेज दे सकती है। वही किट की बात करते हुए सुंदर रमैया ने कहा कि इस किट को 12 इंच की कार की डिग्गी में लगाया जा सकता है। लेकिन कमर्शियल उत्पादन न होने की वजह से फिलहाल काफी महंगी है। उनका कहना है कि 1,000 सीसी इंजन के लिए इसकी कीमत तकरीबन लाख रुपये पड़ती है।

इसके आगे उन्होंने कहा, जो खास तकनीक बनाई है। उसका नाम कार्बन एंटीडॉट रखा है। ये तकनीक बाईक से लेकर बड़ी कारों, बसों, ट्रैक्टर और जेनरेटर्स में काम कर सकती है साथ ही ये तकनीक पूरी तरह इको फ्रेंडली है। जिससे प्रदूषण भी नहीं होगा। बल्कि वायु प्रदूषण खत्म कर सकती है। सुंदर रमैया ने दावा किया कि कार्बन एंटीडॉट एक वाटर बेस्ट नेनो टेक्नोलॉजी है। जिसमें एक इंजेक्शन गाड़ी के कार्बोरेटर में लगाया जाता है और यह एक लीटर पानी 30 लीटर ईंधन की क्षमता देगा। और 10 से 15 मिनट में ही सभी खतरनाक गैसों को 80 फीसदी तक ऑक्सीजन में बदल देगा। जिसके बाद न तो गाड़ी काला धुआं यानी कार्बन छोड़गी और माइलेज भी बढ जाएगा। उनका दावा है कि इंजन पहले के मुकाबले कम वाइब्रेशन करेगा।

उनका कहना है कि ये इंजेक्शन एक बार लगाने से बाइक्स छह हजार किमी और कार 30 हजार किमी तक काम करती है। इस तकनीक का अब तक इन्होंने 17 हजार से ज्यादा लाइव डेमो दिए है। तो वही दो लाख वाहनों में ये तकनीक लगाई भी है। कार्बन एंटीडॉट की कीमत के बारे में वह बताते हैं कि बाइक्स में इसकी कीमत 500 रुपये से शुरू है, जो 350 सीसी की बाइक्स में 1,000 रुपये तक पड़ेगी। जबकि कारों में 1,500 रुपये से लेकर 7,500 रुपये तक पड़ेगी। इसे खुद भी लगाया जा सकता है और किसी टेक्निकल एक्सपर्ट की जरूरत नहीं है।

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