झांसी(Jhansi)। आपने अक्सर शहरों और गांव में रहने वाले लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों और विदेशों में जाते देखा होगा लेकिन क्या आपने कभी किसी कुत्तें को इलाज के लिए विदेश जाते हुए देखा है। जी हां ऐसा ही एक मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के झांसी जिले से जहां एक आवारा कुत्ते को इलाज के लिए अमेरिका(America) भेजा गया है।

दरहसल, उत्तर प्रदेश के झांसी शहर के आईटीआई मोहल्ले में 9 महीने की उम्र का एक कुत्ते का बच्चा टहलते दिख जाता था। वो गंभीर रूप से जख्मी था उसके शरीर पर जलने के जख्म थे और उसकी हालत बहुत खराब थी और इस कुत्ते को आंखों से दिखता भी नहीं था। जिसके बाद झांसी की रहने वाली पशु प्रेमी मिनी खरे(Mini khare) को इस डॉगी के सड़क पर आवारा मिलने की सूचना मिली थी। जिसके बाद वो उसे अपने घर ले आई थी।

बता दें कि मिनी खरे, ‘जीव आश्रय’ नाम से एक एनजीओ(NGO) चलाती हैं और उन्हें फरवरी में पहली बार इस डॉगी के बारे में जानकारी मिली थी, उस दौरान ग्वालियर रोड पर पर काफी खराब हालत में यह डॉगी मिला था और इसके साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद मिनी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचीं और डॉगी का रेस्क्यू किया गया। इसके बाद मिनी खरे ने संस्था के सदस्यों की मदद से उसका इलाज कराना शुरू किया। डॉक्टरों ने उसकी आंखों की रोशनी वापस आने से जब इनकार कर दिया तो मिनी ने निर्णय किया कि वो खुद ही इसकी देखभाल करेंगी। मिनी ने तकरीबन दो महीने तक उसकी देखभाल की भी, अपने घर में रखा। मिनी ने इस डॉगी का नाम शैरी रखा है।

कुत्ते की हालत तो पहले से बेहतर हो गई लेकिन उसकी उसकी आंखो की रोशनी वापस नहीं आई। जिसके बाद उसकी हालत को देखते हुए मिनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अडॉप्शन की अपील की। मिनी के मुताबिक एक संस्था ने इसके अडॉप्शन के लिए पहल की और दिल्ली की डॉक्टर प्रेमलता चौधरी की टीम झांसी आई और इसे दिल्ली ले गई।  इसे दो महीने उनकी देखरेख में दिल्ली में रखा गया ओर इसका इलाज भी किया गया लेकिन इसको दिखना फिर भी शुरू नहीं हुआ।

उसके बाद मिनी खरे की ये मुहिम रंग लाई और उस कुत्ते को अमेरिका की एक महिला ने गोद लिया ले लिया। और अब वह अमेरिका पहुंच भी गया है। मिनी खरे बताती हैं कि जून महीने में यह कुत्ता अमेरिका पहुंच गया। बता दें कि जानवरों के लिए काम करने वाली एक अमेरिकी संस्था हेलेन ब्राउन ने इसे अपने पास रखा और इसके लिए किसी गोद लेने वाले की तलाश में जुट गई। अमेरिकी संस्था हेलेन ब्राउन(Helen Brown) की मेहनत रंग लाई और सोमवार यानी कि 12 जुलाई को एक महिला ने कुत्ते के बच्चे को गोद ले लिया। अब वह महिला इस कुत्ते को अमेरिका में अपने पास रखकर इसका इलाज कराने का भरोसा भी दे रही है। अमेरिका पहुंचने के बाद अमेरिकी संस्था ने कुत्ते की फोटो शेयर करते हुए मिनी खरे ओर उनकी टीम तो धन्यवाद दिया है। बता दें कि आवारा जानवरों के लिए एनजीओ चलाने वाली मिनी खरे ने अब तक 300 से ज्यादा जानवरों की जान बचाने का काम किया है।

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