85 साल के साधारण से दिखने वाले इस किसान ने खोद दिए 16 तालाब, खुद पीएम मोदी कर चुके हैं तारीफ

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यूं तो आमतौर पर कभी-कभार साधारण सा दिखने वाला व्यक्ति भी कुछ ऐसा कर जाता है, जिसे लोग भुला नहीं पाते हैं. चाहे वह उसकी सोच का करिश्मा हो या उसके द्वारा किए गए अद्भुत काम जिसको इतिहास में बार-बार दोहराया जाता है. दरअसल आज हम ऐसे ही शख्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जो थे तो बिल्कुल साधारण लेकिन उन्होंने वो कर दिखाया जो कभी किसी ने नहीं किया. उस शख्स का नाम था दशरथ मांझी इन पर फिल्म भी बन चुकी है. दशरथ मांझी यह अकेले दुनिया में ऐसे शख्स थे जिन्होंने एक विशालकाय पर्वत को काटकर रास्ता बना डाला था. इस काम को करने में उन्हें करीब 3 दशक का समय लगा था. हालांकि उनके हौंसलों की वजह से उनका नाम आज भी इतिहास में गिना जाता है. वहीं दशरथ मांझी से प्रेरित होकर एक ऐसा ही वाक्या कर्नाटक के मंडावली में रहने वाले कामेगौड़ा नाम के व्यक्ति का है. दरअसल कामेगौड़ा पेशे से किसान हैं, इनकी उम्र तकरीबन 85 साल के आस-पास है. लेकिन कामेगौड़ा ने आज वो कर दिखाया जो सालों पहले दशरथ मांझी ने किया था.

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बता दें कि 85 साल के कामेगौड़ा के गांव में पानी की बहुत कमी थी. उन्हें पानी की तलाश में बहुत दूर-दूर तक का सफर तय करना पड़ता था. हालांकि एक दिन ऐसा आया कि कामेगौड़ा ने खुद ही तालाब खोदने का मन बना लिया. आश्चर्य की बात है कि उन्होंने यह कर भी दिखाया. पेशे से किसान कामेगौड़ा मौजूदा समय में अब तक 16 तालाब खोद चुके हैं. उनकी सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. पीएम मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान कामेगौड़ा की तारीफ़ करते हुए उन्हें सलाम किया. उन्होंने कामेगौड़ा जैसे मेहनती उदाहरण को देश के सामने रखा.

मालूम हो कि 85 साल के कामेगौड़ा अपने परिवार के साथ कर्नाटक के मंडावली गांव में रहते हैं. पेशे से किसान कामेगौड़ा अकसर जानवरों को घास चराने खेतों व जंगलों में ले जाते थे. लेकिन गांव में पानी की भारी समस्या थी, तो उन्होंने जल संरक्षण के लिए इस खुदाई के काम के बारे सोचा और इस पर अकेले ही काम करना भी शुरू कर दिया. वह अब तक अपनी मेहनत से 16 तालाब खोद चुके हैं. इनके काम को लेकर हर कोई सोशल मीडिया पर इनकी तारीफ कर रहा है. लोग इनके जज्बे को सलाम कर रहें हैं. यहां तक की कई लोग ने इन्हें दशरथ मांझी से भी तुलना कर रहे हैं.

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