NDTV ने ऐसा क्या दिखाया कि बवाल मच गया, गुजरात पुलिस ने मांगा चैनल से जवाब, लेकिन..

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ख़बरों की दुनिया में आजकल फेक न्यूज का चलन अपने चरम पर पहुंच चुका है। इसकी गिरफ्त में आ जान से न जाने कितने ही लोग झूठी भ्रांतियों का शिकार हो जाते हैं, जिसकी उन्हें कई मौकों पर भारी कीमत भी चुकानी पड़ जाती है। इस कड़ी में अब खुलासा हुआ है कि देश के प्रमुख राष्ट्रीय चैनलों की फेहरिस्त में शुमार एनडीटीवी झूठी  खबरों को अपने दर्शकों के सामने परोसता है। अब ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी बन गया है कि कहीं एनडीटीवी भी तो नहीं झूठी खबरों के सहारे टीआरपी की होड़ में आगे निकलना चाहता है? खैर, अब गुजरात पुलिस के खुलासे के बाद एनडीटीवी की साख व विश्वनियता दोनों ही खतरें में आ चुकी है।

आखिर क्या है पूरा मामला 
यहां पर हम आपको बताते चले कि गत 12 अक्टूबर को एनडीटीवी ने गुजरात के तनिष्क ज्वैलरी शॉप में तोड़फोड़ की खबर प्रसारित की थी। एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि गुस्साई भीड़ ने ज्वैलरी की दुकान पर हमला कर दिया। लेकिन जैसे ही यह पूरा मामला गुजरात पुलिस के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने इस खबर को निराधार व फैक बताकर इसका खंडन किया। वहीं, इस खबर के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए कच्छ एसपी मयूर पाटिल ने इसे  फेक करार दिया है। उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर को दो लोग तनिष्क ज्वैलरी शॉप पर आए थे और उन्होंने गुजराती भाषा में दुकानदार से माफी भी मांगी थी। लेकिन हां…पुलिस पूछताछ में दुकादार ने यह जरूर स्वीकार किया था पिछले कुछ दिनों से दुकानदार को धमकीभरे फोन आ रहे थे, लेकिन तोड़फोड़ की यह घटना बिल्कुल फेक है। इसमें कोई सत्यता नहीं है।

NDTV ने ऐसा क्या दिखाया था? 
विदित हो कि एनडीटीवी द्वारा प्रसारित किए गए रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात के तनिष्क ज्वैलरी शॉप में गुस्साई भीड़ ने हमला कर दिया था, लेकिन गुजरात पुलिस के मुताबिक, जब इस पूरे मामले की हकीकत जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई तो एनडीटीवी की इस खबर की विश्वनियता पर सवाल खड़े हो गए।