जानें कैसे अपनी पत्नी की बात मानकर गूगल के CEO बन गए सुंदर पिचाई, बड़ी दिलचस्प है कहानी

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बताया जाता है कि किसी भी सफल शख्सियत की जिंदगी में उसके सफल होने के पीछे किसी न किसी स्त्री का हाथ जरूर होता है। बीते दौर की कई कहानियां उक्त कथन की तस्दीक करती हुई नजर आ रही है। कभी-कभी किसी लड़की की दस्तक न महज हमारी जिंदगी में मोहब्बत का पैगाम लेकर आती है बल्कि सफलता की सीमा रेखा को भी बढ़ाती है। हर सफल शख्स के जीवन में किसी न किसी स्त्री का हाथ तो जरूर होता है।

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आज हम आपको एक ऐसी ही महान और सफल शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी जिंदगी में जब एक लड़की ने दस्तक दी तो न महज उनकी निजी जिंदगी ही खुशियों और मोहब्बत से भर गई बल्कि उनकी पेशगत जिंदगी में भी खुशियों की बहार आ गई। हम जिस सफल शख्स की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि गूगल के सीईओ सुदंर पिचाई हैं। आप उनके प्रोफेशनल लाइफ के बारे में तो बहुत कुछ जानते होंगे, लेकिन आज हम आपको उनके पर्सनल लाइफ के बारे में बताने जा रहे हैं।

पहले बात करते हैं उनके बचपन की 
उधर, अगर सुंदर पिचाई के बचपन की बात करें तो उनका जन्म 10 जून 1972 को हुआ था। पिता एक ब्रिटिश कंपनी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और मां स्टेनोग्राफर थीं। उनका बचपन शुरू से ही अभावों में बीता था। बड़ा ही सामान्य और अभावों में सुंदर का बचपन बीता था। आप उनकी बचपन की सादगी का अंदाजा महज इसी से लगा सकते हैं कि न ही उनके पास टीवी था और न ही कार, लेकिन शुरू से ही उनके बड़े-बड़े ख्वाब पल्लिवत होते गए।

सुंदर पिचाई और अंजली की प्रेम कहानी 
एक मुलाकात जिसने सुंदर पिचाई की पूरी जिंदगी बदल कर रख दी। महज एक मुलाकात जिसने सुंदर पिचाई को सफलता के शीर्षतम स्तर पर पहुंचा दिया। वो मुलाकात थी उस हसीना के साथ जो आगे चलकर उनकी पत्नी बनी। आईआईटी खडगपुर में सुंदर पिचाई की अंजली से मुलाकात हुई थी। दोनों ने अलग-अलग जगह से एडमिशन लिया थालेकिन दोनों एक ही बेच में थे। इसके बाद दोनों के बीच मुलाकातों का दौर बढ़ने लगा। आगे चलकर यह हसीन मुलाकात मोहब्बत में तब्दील हो गई और फिर सुदंर और अंजली दोनों एक-दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करने लगे। इसके बाद सुंदर ने कॉलेज के आखिरी साल में आकर अंजली के सामने अपनी मोहब्बत का इजहार किया।

इसके बाद कॉलेज खत्म होते ही दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी। सुंदर पिचाई आगे की पढ़ाई के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका चले गए और आर्थिक तौर पर इतने मजबूत तो थे नहीं कि वे अंजली को रोज फोन करते। रोज उनसे बात करते। यह सिलसिला जारी रहा और 6 महीने तक इन्होंने एक दूसरे से बात नहीं की, लेकिन 6 महीने के बाद सुंदर और अंजली के बीच मोहब्बत की डोर कमजोर नहीं हुई। इसके बाद अंजली भी अमेरिका पहुंच गई और सुंदर भी एक सेमीकंडक्टर कंपनी में नौकरी करने लगे। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। मगर दोनों ने साथ में ही यह भी फैसला किया कि दोनों अपने परिवार की इजाजत के बाद ही शादी करेंगे। उनकी खुशकिस्मती रही कि दोनों के परिवार वाले राजी हो गए। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली और अमेरिका चले गए, जहां पर उन्होंने अमेरिका की नागरिकता भी ले ली।

पत्नी की सलाह ने बदल दी जिंदगी 
ऐसा माना जाता है कि सुंदर पिचाई की सफलता के पीछे उनकी पत्नी अंजली का अहम किरदार रहा है। वो इसलिए क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट ने सुंदर को सीईओ पद का ऑफर दिया था, जिसे सुंदर स्वीकार करने के लिए गूगल की नौकरी छोड़ने जा रहे थे, लेकिन अंजलि ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया और सुंदर ने भी अपनी पत्नी की बात मान ली और इसका नतीजा सुंदर पिचाई और अंजली पिचाई ने पेश करके दिखा दिया है। आज सुंदर पिचाई गूगल के सीईओ हैं। इसके साथ ही सुंदर और अंजली दोनों ही अपनी एक खुशगवार जिंदगी जी रहे हैं। दोनों का एक बेटा और एक बेटी है। और दोनों ही अपनी लाइफ में काफी खुश हैं। सुदंर और अंजली की यह प्रेम कहानी इस बात को साबित करती है कि सफल होने के लिए संघर्ष और मेहनत के इतर और कोई विकल्प नहीं है।

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