कभी जिसका छोटे कद को लेकर उड़ाया जाता था मजाक, आज उसी ने सभी को IAS बनकर जड़ा तमाचा

216

‘आरती डोगरा’ यह महज एक नाम नहीं बल्कि एक मिसाल है। यह मिसाल है उन लोगों के लिए जो जिंदगी से परास्त हो चुके हैं। आशाहीन हो चुके हैं। जिनके उम्मीद की किरण बुझ चुकी है, जो अब अपने जेहन में यह मिथक पाल बैठे हैं कि उनके लिए सारे रास्तें बंद हो चुके हैं। यकीन मानिए आरती डोगरा उन लोगों के लिए प्रेरणा की स्त्रोत साबित होगी। अंदाज भले ही संघर्षपूर्ण हो, लेकिन आरती डोगरा ने इस बात की तस्दीक कर दी है कि सफलता कद से नहीं बल्कि हौंसलों से मिलती है। महज 3 तीन फीट की आरती डोगरा की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है। तमाम संघर्षों और चुनौतियों को पार करते हुए आरती आज की तारीख में राजस्थान कैडर की आईएएस अफसर है। चाहे वो तत्तकालीन प्रधानमंत्री डॉ एपीजे अब्दुल कलाम हो या फिर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी..सभी ने आरती के काम की तारीफ की। उनके हौंसले को सलाम किया।

ये भी पढ़े :केबीसी सीजन-11 में बिहार का ये लाल बना पहला करोड़पति, आईएएस बनकर करना चाहता है समाज की सेवा

काफी संघर्षपूर्ण रहा बचपन 
उत्तराखंड के देहरादून में जन्म लेने वाली आरती डोगरा का बचपन काफी संघर्ष और चनौतियों से भरा रहा। छोटे कद के कारण उनका हमेशा से मजाक उड़ाया गया। लेकिन इन्होंने इन सभी को नजरअंदाज करते हुए अपने लक्ष्य की ओर अपना ध्यान केंद्रीय किया और आज की तारीख में वो जिस मुकाम पर है, वो यकीनन काबिल-ए-तारीफ है। जन्म से आसामान्य रहने वाली आरती के मां-बाप को तो लोगों ने यहां तक हिदायत दे दी थी। इसे मार दो, इसे पाल पोसकर क्या मिलेगा। लेकिन इन सभी लोगों की हिदायतों को नजरअंदाज करते हुए आरती की मां-बाप ने अपनी बेटी को खूब पढ़ाया। हां.. बेशक आरती को अपने बचपन में अपने छोटे कद के चलते कई मौकों पर भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन कभी इन्होंने इन सभी चीजों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

आरती के पिता सेना में कर्नल थे और उनकी मां स्कूल में प्रिंसपल थी। आरती ने अपनी स्कूलिंग  देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल से की। इसके बाद अपनी आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली का रूख किया और यहां के सबसे सर्वोच्च कॉलेज लेडी श्री राम कॉलेज से अर्थशास्त्र से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद आगे चलकर उनकी मुलाकात देहरादून के डीएम आईएएस मनीषा से हुई थी, जिसके बाद उनकी पूरी जिंदगी ही बदल गई और उन्होंने अपने मन में आईएएस बनने का संकल्प लिया। आरती ने 2006 में अपने पहले ही प्रयास में सिवील सर्विस की परीक्षा पास कर ली थी।

उम्दा प्रदर्शन ने दिलाया मान-सम्मान 
यहां पर हम आपको बताते चले कि आरती डोगरा को उनके उम्दा प्रदर्शन ने उन्हें कई पुरस्कार भी दिलाए। आरती डोगरा को राजस्थान के अजमेर की नई जिलाधिकारी के तौर पर नियुक्ति मिली है। इससे पहले वे राजस्थान के बीकानेर और बूंदी जिलों में भी कलेक्टर का पदभार संभाल चुकी हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई कीर्तिमान स्थापित किए। उनके बेहतर काम की तत्तकालीन प्रधानमंत्री से लेकर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उनकी सराहना कर चुके हैं।

ये भी पढ़े :UPSC Result 2018: पंजाब की बेटी ने रोशन किया नाम, कैंसर से जूझ रहे थे पिता, बेटी ने पास की आईएएस परीक्षा