रेलवे सुरक्षा के लिए डॉग के गले में बांधा जाएगा कैमरा, जानिए इसकी खासियत

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जब से समाज का उदय हुआ है, तभी से मानव व पशु का रिश्ता अटूट रहा है। पुरानी इबारतों के वे शब्द मानव इंसान व पशुओं के बीच की मित्रता का वर्णन बखूबी करते हैं। अब इसी बीच को इसी वर्णन को आत्मसात करते हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने सुरक्षा की दिशा में अहम कदम उठाते हुए डॉग का सहारा लिया है। जी हां… हालांकि, ये कोई पहली मर्तबा नहीं है कि जब इस तरह की नाया्ब पहल की गई हो, अपितु इस तरह की कोशिशें इससे पूर्व भी की जा चुकी है। अब इसी कड़ी में रेलवे प्रोटेक्शन ग्रूप ने डॉग का सहारा लेते हुए अपने सुरक्षा को परवान पर चढ़ाने जैसा कदम उठाया है। ये भी पढ़े :बस्तीः मंदी का असर भारतीय रेलवे पर पड़ा, हुआ 2 हजार करोड़ का घाटा

यहां पर हम आपको बताते चले कि रेलवे ने अपनी सुरक्षा-व्यवस्था को सबल बनाने की दिशा में 300 डॉग का चयन किया है, जिनके ऊपर कैमरा लगाया जाएगा, और वो रेलवे सहित देश के अन्य सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा में मुस्तैदी से तैनात रहेंगे। इनके ऊपर लगाया गया कैमरा हर एक संदिग्ध स्थिति पर बेहद पैनी निगाहें बनाए रखेगा। हालांकि, ट्राइल के लिए अभी फिलहाल 4  डॉग को ही चुना गया है। इस बीच रेलवे अधिकारी ने अपनी तैयारी को लेकर बयान जारी कर कहा कि अगर कैमरे लागने की हमारी ये कवायद सफल रहती है तो फिर हम इसे देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लगाएंगे।

डॉग पर दो तरह के कैमरे लगाए जाएंगे। एक तो उसके ऊपर रहेगा और दूसरा उसके गले में बंधा रहेगा। अगर कभी डॉग को संकरी गलियों से होकर जाना हो तो कैमरा महज उसके गले में लगा रहेगा। इन कैमरों को 10 मीटर की दूरी से भलीभांति पहचाना जा सकता है। यह हैंडलर स्टेशन या ट्रेन में राउंड लगाकर ऑफिस में रिकॉर्डिंग देख सकेगा। इसी क्रम में रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बयान जारी कर कहा कि आरपीएफ के पास देशभर में कुल 298 डॉग्स हैं। आहिस्ता-आहिस्ता सभी डॉग पर कैमरे लगाने की कवायद शुरू हो चुकी है। इन कैमरों में जीपीएस लगाकर कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। बता दें कि इसकी शुरूआत भारत के विशाखापट्नम से होगी। ये भी पढ़े :अब ट्रेन में आपका चेहरा बनेगा आपका टिकट, भारतीय रेलवे ला रहा है नया सिस्टम

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