महामारी के बीच देवदूत बना ये बिल्डर, गरीबों के लिए खोल दिए अपने फ्लैट के दरवाजे 

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कोरोना के खौफ के साए के बीच अभी हर किसी के चेहरे पर शिकन का आलम है। राहत की बयार की आस लगाए बैठे कई लोग अब मजबूर हो चुके हैं। विभिन्न प्रकार की परेशानियों से जूझ रहे लोगों के बीच राहत की बयार बहाने के लिए सरकार सहित अन्य संगठनों की तरफ से अलग-अलग कदमों के उठाने का सिलसिला जारी है। मगर इस बीच गुजरात के सूरत में एक शख्स ऐसा भी सामने आया है, जो महामारी के इस दौर में देवदूत के किरदार में नजर आ रहे हैं, जो लगातार अपनी हर कोशिश को अंजाम तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, जिससे की गरीबों सहित अन्य लोगों को राहत में मिल सके।

यहां पर हम आपको बताते चले कि सूरत के इस बिल्डर ने महामारी के इस दौर में अपने फ्लैट के दरवाजे खोल दिए हैं। इस बिल्डर ने अपना फ्लैट मजदूरों सहित उन सभी नौकरी पेशा वालों के लिए खोल दिए हैं, जो अपनी नौकरी जाने या फिर सैलरी में कटौती की जाने की वजह से अपने घरों को जाने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे सभी लोगों को पलायन होने पर बाध्य न होना पड़े इसके लिए इस बिल्डर ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं। बिल्डर का कहना है कि ऐसी स्थिति में जब कोरोना महामारी के बीच हर कोई त्राहि-त्राहि कर रहा है तो ऐसी स्थिति में यह बिल्डर अपने किसी भी किराएदार से कोई किराया नहीं ले रहा है। सिर्फ मेटेंनेटस बिल के सहारे उन्हें वहां रहने दिया जा रहा है। दरअसल, ओलपाड के उमरा में रुद्राक्ष लेक पैलेस नाम का एक प्रोजेक्ट बनकर तैयार हुआ। फिलहाल उन्‍हें खरीदने के लिए कोई नहीं आ रहा है।  ऐसे में बिल्डर ने कोरोना संकट से परेशान लोगों को रहने के लिए फ्री घर (Free Flats) दिया है।

जिस बिल्डर ने यह दरियादिली दिखाई है। उस बिल्डर का नाम बिल्‍डर प्रकाश भालानी (Builder Prakash Bhalani) है। उसने कहा कि हमारे पास कुल 92 फ्लैट है ,जिसमें 42 में अभी लोग रह रहे हैं। प्रकाश भालनी  का कहना है कि महामारी के इस दौर में अभी हर कोई त्राहि-त्राहि कर रहा है। लोगों की नौकरियां जा रही है।  जिनकी नौकरी बची है। उन्हें छंटनी का खौफ सता रहा है। हम कोई ज्यादा शुल्क भी नहीं ले रहे हैं, मगर 1500 रूपए हर एक शख्स ले रहेे हैं। ये भी पढ़े :महामारी को लेकर WHO का अलर्ट, खड़े हो जाएंगे आपके रोंगटे, 2021 तक हो सकती है ऐसी हालत