76 साल के बाद दुनियाभर में एक साथ दिखेगा नीला चांद, जानें किस दिन लोग कर पाएंगे इसका दीदार

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Blue Moon

साल 2020 को शायद ही कभी कोई अपने जहन से निकाल पाएगा. इस साल ने लोगों की जिंदगी में ऐसा भूचाल मचाया जिसके बारे में कभी किसी ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी. आम लोगों की जिंदगी में एक ऐसा वक्त आया जब ऐसा महसूस हुआ कि मानों दुनिया थम सी गई है. लोग घरों में कैदियों की तरह कैद हो गए थे, सिर्फ इसलिए ताकि वो अपने आपको सुरक्षित रख सकें. इतना ही नहीं कभी चंद्र ग्रहण जैसी चीजों ने लोगों को डराया तो कभी पता चला कि अंतरिक्ष से उल्कापिंड तेजी से पृथ्वी की ओर रहा है, तो कभी कुदरती कहर ने लोगों को एक पल में सड़क किनारे लाकर खड़ा कर दिया. ये ऐसे हादसे रहे हैं जिसे शायद कोई भुला न पाए. अभी भी ये सिलसिला लगातार जारी है. इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि इस साल लोगों को ब्लू मून (Blue Moon) देखने को मिलेगा. जी हां 31 अक्टूबर को लोग नीले चांद का दीदार कर पाएंगे.

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खबरों की माने तो कई सालों बाद ऐसा कुछ होने जा रहा है. जिसे भारत में रहने वाले लोग भी देख सकेंगे. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये ब्लू मून है क्या? आखिर लोग इसे देखेंगे कैसे? तो चलिए आपको भी हम अपनी इस खबर के जरिए बताते हैं. फिलहाल इस चांद को देखने के लिए जितना आम लोग उत्साहित हैं उससे कहीं ज्यादा दुनियाभर के एस्ट्रोलॉजर्स और साइंटिस्ट्स समेत अंतरिक्ष से जुड़े बाकी लोग भी हैं. क्योंकि न जाने कितने सालों बाद ये पल दोबारा लोगों को 31 अक्टूबर को देखने को मिलने वाला है. खास बात तो ये है कि 30 साल में ये पहली दफा होगा जब पूरी दुनिया में एक साथ ब्लू मून का नजारा दिखेगा. हालांकि इससे पहले केवल कुछ जगहों पर ही ब्लू मून का दीदार हुआ है.

बता दें कि 31 अक्टूबर 2020 को यदि ये नीला चांद लोगों को दिखता है तो इसके बाद आने वाले 19 साल तक ऐसा नजारा फिर दोबारा देखने को नहीं मिलेगा. ब्लू मून का नाम सुनकर काफी लोगों ने अपने दिमाग में ये कल्पना कर ली होगी कि चांद बिल्कुल नीला दिखेगा. लेकिन हम आपको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं है क्योंकि ये नाम इसे किसी खास वजह से दिया गया है. कहते हैं कि जब एक महीने में दो बार पूर्णिमा होती है तो चांद का पूरा आकार देखने को मिलता है इसलिए इसे ब्लू मून के नाम से पुकारा जाता है. ऐसे में साल 2020 के अक्टूबर महीने में भी लोगों को वैसे ही पूरा मून एक महीने में पड़ने वाली दो पूर्णिमा के दिन देखने को मिलेगा.

दरअसल 1 अक्टूबर को पहली पूर्णिमा का दिन है. इसके बाद दूसरी पूर्णिमा 31 अक्टूबर को पड़ रही है. बता दें कि ऐसा संजोग बहुत ही कम बार आता है. कहते हैं कि साल में सिर्फ 12 ही फुल मून होते हैं. लेकिन इस बार सालभर में 13 फुल मून होंगे. 2020 के बाद ऐसा नजारा लोगों को फिर से साल 2039 में ही देखने को मिलेगा. खबरों की माने तो एक साथ ऐसा संयोग दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पड़ा था जब पूरी दुनिया में एक साथ ब्लू मून को देखा गया था. यानी कि पूरे 76 साल बाद ऐसा होगा जब पूरी दुनिया एक साथ फुल मून देखेगी.

अर्थ स्काई के हवाले से जारी की गई एक रिपोर्ट की माने तो सोशल मीडिया पर ब्लू मून के नाम पर नीले कलर का चांद दिखाया जाता है. जबकि असल में ऐसा कुछ भी नहीं है. क्योंकि 1944 में जब ब्लू मून दिखा था तो उसकी चमक काफी तेज थी. लेकिन नीला मून नहीं था. इस बार ये मून नॉर्थ-साउथ अमेरिका से लेकर इंडिया, यूरोप और एशिया के दूसरे देशों में भी देखा जा सकेगा.

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