जंगल में आशियाना बनाकर रोज 12 घंटे पढ़ाई करती है ये बच्ची, इसलिए करना पड़ा था ऐसा

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक आदिवासी लड़की का दृश्य काफी चर्चा में बना हुआ है,  दरअसल इस आदिवासी लड़की के चर्चा में बने रहने के लिए इसके पीछे की एक दिलचस्प कहानी से आपको रूबरू कराते हैं। बता दें कि पूरी दुनिया इन दिनों कोरोना संकट के जूझ रही है, जिसका असर गांव, देहात, शहरों के इलाकों पर भी पड़ा है। वहीं इन दिनों कोरोना के चलते स्कूल, कॉलेज सब बंद किए गए हैं। अधिकतर पढ़ाई लिखाई ऑनलाइन क्लास के माध्यम से ही हो रही है, जिसके लिए आपके पास स्मार्टफोन होना बहुत जरूरी है इसके बिना आप ऑनलाइन क्लास अटैंड नहीं कर पाएंगे। लेकिन इस आदिवासी लड़की की कहानी कुछ ऐसी है कि इसे सुन आपका दिल पसीज जाएगा। दरअसल यह लड़की खूब पढ़ाई लिखाई करना चाहती है, यह जिस आदिवासी इलाके में रहती है वहां मोबाइल का दूर-दूर तक नेटवर्क प्राप्त नहीं हो पाता है, जिस वजह से इसकी पढ़ाई में काफी रुकावटें पैदा हुईं। हालांकि लड़की के चार भाईयों ने मिलकर एक तरीका खोज निकाला जिससे उनकी बहन अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।

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दरअसल नेटवर्क ने मिलने के वजह से चारों भाईयों ने जंगल में ही एक झोपड़ी बनाकर तैयार कर दी, जहां नेटवर्क मिल रहे थे। इसके पहले बच्ची जब भी घर में ऑनलाइन क्लास अटेंड करना चाहती थी तो उसे बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ता था। कभी-कभार नेटवर्क ना मिलने की वजह से उसकी पढ़ाई भी छूट जाती थी। बहन की पढ़ाई का नुकसान होने से बचाने के लिए इन्होने जंगल में ही एक झोपड़ी बना ली। अब रोज़ ये लोग यहीं बैठ अच्छे से अपनी ऑनलाइन क्लास अटेंड करते हैं। इस बच्ची की लगन और मेहनत को देखते हुए हर कोई सोशल मीडिया पर इसकी तारीफ कर रहा है।

इस तस्वीर को ट्विटर पर आईआरएस देव प्रकाश मीना ने शेयर करते हुए लिखा, इस आदिवासी बच्ची ने 12th क्लास तो जंगल में बिना नेटवर्क वाले गांव से की, आगे शिक्षा ऑनलाइन ही थी। चार भाइयों ने जंगल में ऐसी जगह झौपड़ी बनाई, जहां मोबाइल नेटवर्क है.. तो वहां से ऑनलाइन क्लास लेकर आगे की पढ़ाई कर रही है। बच्ची यहां सुबह 7 बजे से शाम की 7 बजे तक पढ़ती है।

इस तस्वीर को वायरल देख लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, एक यूजर ने कमेन्ट किया ‘मै इस बच्ची के होसले को नमन करता हूं।’ हेमंत कुमार नाम के एक शख्स ने लिखा ‘क्या बात है सुविधाओं का अभाव होने के बावजूद यह लड़की कितनी लगन से पढ़ रही है। एक यूजर ने कहा ऐसे ही लोग हमारे लिए प्रेरणा के स्रोत हो सकते हैं।’ ‘उम्मीद करती हूं कि सरकार द्वारा कोई मदद की जाएगी। उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं।

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