कोरोना के खिलाफ जंग में 23 वर्षीय नर्स सिर्फ इनर वियर्स पहनकर कर रही मरीजों का इलाज

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कोरोना के खिलाफ जंग में डॉक्टर सहित अन्य चिकित्सकर्मियों की अहम भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।इस गंभीर स्थिति में दिन-रात कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सकर्मियों का शुक्रिया अदा करने का कोई साधन मौजूद नहीं रहा है। एक तरफ जहां कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ  चिकित्सकर्मी लगातार मरीजों का उपचार करने में जुटे हुए हैं। अब इन सबके के बीच अभी सोशल मीडिया पर एक 23 वर्षीय नर्स की तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रही है। यह नर्स जिस अंदाज में कोरोना मरीजों का उपचार करते हुए नजर आ रही है। उस अंदाज को लेकर लगातार अभी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा हैं। लोग अपने-अपने तरीके से उनके इस अंदाज और तस्वीर पर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। कोई सवाल उठा रहा है तो कोई समर्थन कर रहा है।

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आपको बता दें कि इस तस्वीर में 23 वर्षीय रूस की रहने वाली नर्स नादिया इनर वियर्स पहनकर और ऊपर से पीपीई पहनकर कोरोना मरीजों का इलाज करते हुए नजर आ रही है। उनकी ऐसी तस्वीर अभी सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रही है। लोग इस पर जमकर अपना रिएक्शन देते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ उनकी इस तस्वीर को लेकर उनकी आलोचना भी कर रहे हैं। वहीं नादिया ने अपने बचाव में कहा कि वे लगातार कोरोना मरीजों के उपचार में जुटी हुई है। लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मामलों की वजह से उसे लगातार काम करना पड़ रहा है। इसी बीच उसके लिए कपड़े पहनकर और ऊपर से पीपीई किट पहनकर काम करना मुश्किल हो रहा था, जिसके चलते उसे बहुत गर्मी लग रही थी। लिहाजा उसने फैसला किया कि वे इनर वियर्स के ऊपर ही पीपीई किट पहनेगी, जिससे उसको काम करने में आसानी होगी।

मगर कुछ लोग लगातार उस नर्स के इस अंदाज की आलोचना करते हुए नजर आ रहे हैं। जिसके बाद खुद नादिया ने ऐसे लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल और उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। वहीं अब अस्पताल प्रशासन ने उसे ससपेंड कर दिया है, जिसके बाद उसके सहकर्मी सहित अन्य डॉक्टर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और नादिया को वापस बुलाने की मांग कर रहे हैं। वहीं देश के कुछ उद्योगपति  और आलाधिकारी अस्पताल प्रशासन को अपना मैसेज भेजते हुए कह रहे हैं कि यह लोग कोरोना के दौरान अपनी जान हथेली पर लेकर कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे हैं। लिहाजा इनके कपड़ों को देखकर इन्हें जज न किया जाए। इन चिकित्सकर्मियों का काम यकीनन काबिल-ए-तारीफ है। इनकी हौसला आफजाई की जाए। इनकी तारीफ की जाए न की इनकी आलोचना करके इनके मनोबल को तोड़ा जाए।

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