अनुसंधान : भगवद्गीता और मोदी की तस्वीर के साथ अंतरिक्ष में जाएगी यह सेटेलाइट

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दिल्ली। अंतरिक्ष की दुनिया में अनुसंधान और प्रयोग लगातार हो रहे हैं। फरवरी महीने में लॉन्च होने वाली सेटेलाइट अपने साथ भगवद् गीता को अंतरिक्ष में लेकर जाएगी। भगवद्गीता पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर भी लगी होगी और उनका नाम भी लिखा होगा। इस नैनो सेटेलाइट का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आकार देने वाले महान वैज्ञानिक सतीश धवन के नाम पर पड़ा है। निजी क्षेत्र का यह पहला उपग्रह होगा जो दूसरे अंतरिक्ष मिशन की तरह भगवद् गीता, पीएम के नाम के साथ 25 हजार लोगों के नामों को लेकर अंतरिक्ष में जाने वाला है। पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हिकल से इस सेटेलाइट को लॉन्च किया जाएगा। इस नैनो सेटेलाइट को स्पेसकिड्स इंडिया ने विकसित किया है। स्पेसकिड्स इंडिया एक ऐसी संस्था है जो छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा देती है। ये सेटेलाइट तीन अन्य पेलोड्स अपने साथ लेकर जाएगी जिसमें अंतरिक्ष विकिरण, मैग्नेटोस्फीयर का अध्ययन और जो कम बिजली चैड़े क्षेत्र के संचार नेटवर्क का प्रदर्शन करना शामिल होगा। स्पेसकिड्ज इंडिया की संस्थापक और सीईओ डॉ केसन ने बताया कि अभी हम सब में बहुत उत्साह है। यह अंतरिक्ष में तैनात होने वाला हमारी पहली सेटेलाइट होगी। जब मिशन को अंतिम रूप दिया तो हमने लोगों से नाम भेजने को कहा जो अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। एक सप्ताह के भीतर हमें 25 हजार लोगों के नाम मिले हैं। इनमें से 1,000 नाम भारत के बाहर के लोगों द्वारा भेजे गए थे।

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यह मिशन अंतरिक्ष विज्ञान में लोगों के हित को बढ़ावा देगा। जिन लोगों के नाम भेजे जाएंगे। उन्हें बोर्डिंग पास भी दिया जाएगा। केसन ने बताया कि दूसरे अंतरिक्ष मिशनों की तर्ज पर उन्होंने भी भगवता गीता को अंतरिक्ष में भेजने का फैसला लिया। इससे पहले भी लोग बाइबल जैसी पवित्र पुस्तकों को अंतरिक्ष में ले जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हमने टॉप पैनल पर प्रधानमंत्री के नाम और फोटो को भी जोड़ दिया है। इस सेटेलाइट को पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्किटरी सहित भारत में विकसित और गढ़ा गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चेयरपर्सन डॉ के सिवन और वैज्ञानिक सचिव डॉ आर उमामहेश्वरन का नाम नीचे के पैनल पर लिखा गया है। इसरो की सिफारिशों के बाद डिजाइन में बदलाव किए जाने के बाद सेटलाइट रविवार को श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट में भेजा जाएगा।

इस सेटेलाइट का प्रक्षेपण इसरो अपने विश्वसनीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-51 से दो अन्य निजी उपग्रहों के साथ करेगा। भारत ने पिछले साल स्पेस सेक्टर को प्राइवेट क्षेत्रों को खोल दिया था। यह भारत द्वारा विकसित की गई दो सेटलाइट में से एक है जिसे पहली बार लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन को 28 फरवरी के लिए निर्धारित किया गया है जो ब्राजील के पृथ्वी अवलोकन सेटेलाइट अमोनिया -1 को प्राथमिक सेटेलाइट के रूप में 20 सह-यात्री सेटेलाइट के रूप में ले जाएगा। इसरो के एक नैनोसैटेलाइट, एक अकादमिक संघ द्वारा तीन यूनिटीसैट और एक प्रदर्शन उपग्रह भी शामिल है।

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