जब राहुल की प्रशंसक हैदराबाद से आ कर शादी के लिए बनाने लगी थी दबाव…

rahul dravid

rahul vijetaदिल्ली। क्रिकेटर, कलाकार को अपने प्रशंसकों का ख्याल तो रखना होता है साथ ही उनकी हरकतों से भी सावधान रहना होता है। भारतीय टीम के लिए दीवार के नाम से प्रसिद्ध राहुल द्रविड़ के साथ एक बार ऐसा ही हुआ था। महिला फैन के चक्कर में एक बार राहुल द्रविड़ को पुलिस की मदद जरूर लेनी पड़ी थी। राहुल द्रविड़ ने बताया था कि चूंकि उनके माता-पिता बहुत सीधे थे, इसलिए वह बड़ी मुसीबत में फंस गए थे। एक शो के दौरान राहुल द्रविड़ ने बताया कि महिला प्रशंसक होना अच्छा था। यह एक तरह का आपको सपोर्ट करता है। शादी से पहले मुझे वैलेंटाइन डे पर बहुत सारे पत्र मिलते थे। शादी के बाद अब मुझे बहुत सारी राखियां मिलती हैं। राहुल द्रविड़ ने बताया कि शादी से पहले और शादी के बाद में मेरी फीमेल फॉलोइंग में यह बदलाव आया। उन्होंने बताया कि सीधा होने के कारण कभी-कभी मुसीबत में फंस चुका हूं। द्रविड़ ने बताया कि मैंने जब भारत के लिए खेलना शुरू किया था, जैसाकि स्वाभाविक रूप से होता है कि आपके बहुत सारे फैन हो जाते हैं। लोग घर आने लगते हैं। लोग आपको फोन करते हैं। आपसे बात करना चाहते हैं। आपको पत्र लिखते हैं। उन्होंने बताया कि मेरे माता-पिता चाहते थे कि मैं अपने फैंस से मिलूं। उनसे बात कर लूं। कभी-कभी मैं बहुत थका हुआ रहता था लेकिन वे कहते थे कि कोई इतनी दूर से आया है तो उससे तुम्हें मिलना चाहिए।

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द्रविड़ ने बताया कि एक बार मैं बहुत लंबे दौरे से भारत लौटा था। मुझे याद है कि मैं बहुत थका हुआ था। मैं इतना थका हुआ था कि सुबह घर पहुंचा और सीधा अपने कमरे में सोने चला गया। शाम को जब मैं उठा तो मेरी मॉम ने मुझे बताया कि एक फैन तुम्हारा इंतजार कर रही है। वह हैदराबाद से आई है। वह काफी देर से तुम्हारा इंतजार कर रही है। इस दौरान मेरे पैरेंट्स उसे चाय-कॉफी पिला चुके थे। वह घर के अंदर ही मेरा इंतजार कर ही थी। मैंने कहा कि ठीक है। मैंने सोचा कि वह मेरा ऑटोग्राफ लेना या फिर साथ में तस्वीर खिंचाना चाह रही होगी, जैसाकि आमतौर पर होता है। द्रविड़ ने बताया कि जब मैंने उसको ऑटोग्राफ दिया और तस्वीर खिंचाने की बात कही और पूछा कि आप कैसे हैं। आप इतनी दूर से मुझसे मिलने आई हैं। आपको लौटने में देर हो जाएगी। तब उस महिला ने कहा मैं जाने के लिए नहीं आई हूं। मैं हैदराबाद से अपना घर छोड़कर आई हूं। अब मैं यहीं आपके साथ रहूंगी। मुझे आपसे शादी करनी है।

द्रविड़ ने बताया कि मैंने कहा कि ऐसा कैसा संभव है। मैंने उसको समझाने का काफी प्रयास किया। वह किसी भी स्थिति में कुछ भी समझने को तैयार ही नहीं थी। यह सब सुन कर मेरे माता-पिता भी वहां आ गए। जब वह किसी भी स्थिति में घर से जाने को तैयार नहीं हुई तब फिर मुझे पुलिस बुलानी पड़ी। वह महिला धमकी दे रही थी कि वह घर से नहीं निकलेगी। इसके बाद मेरे पैरेंट्स को भी लगा कि हर किसी को घर के अंदर नहीं बुलाना है। ज्ञात हो कि राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी 1973 को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में हुआ था। वह कर्नाटक के बंगलौर में बड़े हुए। उनकी पत्नी विजेता पेंठारकर एक सर्जन डॉक्टर हैं। वह नागपुर की रहने वाली हैं। उनके दो बेटे हैं।

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