अस्पताल की छत पर ऐसा काम करते हुए पकड़े गए थे वीरेंद्र सहवाग, चप्पलों से हुई थी पिटाई

214
sehwag

वीरेंद्र सहवाग भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार बल्लेबाजों में से एक थे। उनके नाम कई ऐसे रिकॉर्ड है। जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया। वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट मैचों में 2 बार तिहरा शतक लगाया था और उनके इस रिकॉर्ड को आज तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज तोड़ नहीं पाया। उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के पीछे हर कोई दीवाना था। वह जब भी मैदान में उतरते थे तो अपनी बल्लेबाजी से मैच को बदल दिया करते थे लेकिन क्या आप जानते है जिस तरह वीरेंद्र सहवाग मैदान में गेंदबाज को धोते थे। उसी तरह घर में वह अपने माता-पिता से पीटा करते थे। जिसका खुलासा खुद वीरेंद्र सहवाग ने एक इंटरव्यू में किया था।

एक इंटरव्यू में वीरेंद्र सहवाग ने अपने बचपन के कई किस्से सुनाए। उन्होंने अपनी पिटाई का किस्सा सुनाते हुए बताया कि, ‘हमारे घर के पीछे एक हॉस्पिटल था। मैं और मेरे कजिन हॉस्पिटल की दीवार पर जाकर बैठा करते थे। एक दिन मैंने अपने पिता की बीड़ी का बंडल चुरा लिया और अपने चार कजन के साथ उसी दीवार पर जाकर पीने लगा। लेकिन इस दौरान हम ये भूल ही गए थे कि हमारी घर के छत से सब साफ नजर आता है। इसी वजह से थोड़ी देर बाद घरवालों ने छत से हम सबको दीवार पर बैठे देख लिया। लेकिन हम सब भाई तो बीड़ी का कश लगाने में व्यस्त थे। फिर क्या था, हमारी चप्पलों और डंडों से खूब पिटाई हुई।

इस इंटरव्यू में वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि, ‘हमारा एक संयुक्त परिवार था। हमारे परिवार में चाचा-ताऊ थे और हम सब  मिलकर मोहल्ले में क्रिकेट खेलते थे। जिस वजह से हमने कई शीशे तोड़े है और हमेशा ताऊ हमारी गेंद छिपा देते थे। जिस वजह से हम दो टीम बनाकर क्रिकेट खेलते थे। उन दिनों बॉल 22 रुपये की आती थी इसलिए हम 11-11 रुपये मिलकर गेंद लाते थे और जो भी मैच जीत जाता था गेंद उसकी हो जाती थी।’ सहवाह ने बताया कि वह बचपन के दिनों में कंचे, लट्टू और गिल्ली डंडा जैसे खेल भी खेलते थे।

ये भी पढ़े:-वीरेंद्र सहवाग के फैन हुए पाकिस्तान के पूर्व कप्तान, तारीफ में पढ़े जमकर कसीदे