यह गेंदबाज तीनों फार्मेट में डेब्यू करते हुए  किया जोरदार प्रदर्शन

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दिल्ली। क्रिकेट में बल्लेबाज, गेंदबाज के लिए उसका कप्तान निर्णायक होता है क्योंकि मैदान पर उसी के निर्णय से टीम का संतुलन और खेल होता है। कप्तान ही खिलाड़ी के बल्लेबाजी के क्रम को स्थिति के अनुसार तय करता है और गेंदबाजों के लिए भी वह सामने वाली टीम और बल्लेबाज के अनुसार स्पेल तय करता है। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज टी नटराजन के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा किसी सुनहरे सपने से कम नहीं रहा। उन्हें नेट बॉलर के तौर पर चुना गया था। इसके बाद वरुण चक्रवर्ती चोटिल हुए, जिसके बाद उन्हें टी-20 भारतीय टीम में शामिल किया गया। नवदीप सैनी के बैकअप के तौर पर वह वनडे इंटरनैशनल टीम का हिस्सा बने और फिर टेस्ट सीरीज में भी उन्हें डेब्यू करने का मौका मिला। एक ही दौरे पर तीनों फॉर्मैट में डेब्यू करने वाले नटराजन पहले भारतीय क्रिकेटर बने। इस दौरान उन्हें लिमिटेड ओवर सीरीज में विराट कोहली की कप्तानी में और टेस्ट सीरीज में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलने का मौका मिला। टी नटराजन ने दोनों की कप्तानी को लेकर अपनी बात रखी है। एक ही सीरीज में दो कप्तानों के साथ खेलने का मौका भी दुर्लभ ही होता है।

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नटराजन ने कहा कि उन्हें विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलना काफी अच्छा लगा क्योंकि उन्होंने काफी मनोबल बढ़ाया और सपोर्ट किया। विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने मुझे अच्छी तरह से संभाला। उन्होंने मुझे काफी पॉजिटिव चीजें कहीं और मुझे प्रेरित किया। मुझे दोनों की कप्तानी में खेलना अच्छा लगा। बतौर नेट गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया गए नटराजन ने कहा कि उन्हें मौका मिलने की उम्मीद नहीं थी जिससे भारत के लिए पहला मैच खेलते समय वह दबाव में थे। 29 साल के खिलाड़ी ने 2 दिसंबर को कैनबरा में तीसरे वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया था। नटराजन ने कहा कि मैं अपना काम करने के लिए प्रतिबद्ध था। मुझे वनडे में मौका मिलने की उम्मीद नहीं थी। जब मुझे बताया गया कि मैं इसमें खेलूंगा तो मैं दबाव में था।

नटराजन ने बताया कि वह मौके का फायदा उठाना चाहता था। खेलना और एक विकेट लेना सपने की तरह था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपना टेस्ट डेब्यू गाबा में चैथे और अंतिम मैच में किया जिसमें भारत ने जीत हासिल कर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज अपने नाम की। नटराजन ने इस मैच में तीन विकेट चटकाए। उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना सपना सच होना था। भारत के लिए खेलने के बाद मैं अपनी खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। यह सपने की तरह था। मुझे कोचों और खिलाड़ियों से भी काफी सहयोग मिला। दोनों कप्तानों ने मेरा समर्थन किया और मुझे काफी प्रोत्साहित किया। मैं उनके समर्थन की वजह से अच्छा करने में सफल रहा। नटराजन ने अभी तक तीन टेस्ट, दो टी20 इंटरनैशनल और 6 वनडे इंटरनैशनल विकेट अपने नाम किए हैं।

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