अर्जुन पर निशाना साधने वालों का जवाब मास्टर ब्लास्टर ने इस सादगी से दिया

sachin

मुम्बई। खिलाड़ियों और क्रिकेटरों पर अनावश्यक निशाना साधने का चलन बढ़ता जा रहा है जो ठीक नहीं है। नवोदित खिलाड़ी अर्जुन तेंदूलकर को आईपीएल नीलामी के दौरान सोशल मीडिया पर निशाना साधा गया। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को आईपीएल नीलामी में मुंबई इंडियंस ने उनके बेस प्राइज 20 लाख रुपये में खरीदा था। मुंबई के इस फैसले पर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अर्जुन की आलोचना की थी। आलोचनाओं का दौर नेपोटिजम तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर यहां तक कहा गया कि उनका चयन इस वजह से हुआ है क्योंकि वो सचिन के बेटे हैं। इन सारे सवालों को जवाब सचिन ने जब दिया तो लोगों के पास arjun tendulker कोई तर्क नहीं बचा। सचिन ने कहा कि खेलों में किसी खिलाड़ी को उसकी पृष्ठभूमि नहीं बल्कि मैदान पर प्रदर्शन पहचान दिलाता है। तेंदुलकर ने कहा कि जब भी हम ड्रेसिंग रूम में प्रवेश करते हैं तो वास्तव में यह मायने नहीं रखता कि आप कहां से आए हैं। आप देश के किस हिस्से से आए हैं और आपका किससे क्या सम्बन्ध है। ड्रेसिंग रूम, मैदान सभी में के लिए समान स्थिति होती है। उन्होंने कहा कि खेल में मैदान पर आपके प्रदर्शन के अलावा किसी अन्य चीज को मान्यता नहीं मिलती है।

यह भी पढ़ेंः-IPL ऑक्शन मे Sachin Tendulkar के शहजादे पर ये टीमें लगा सकती हैं बोली

तेंदुलकर ने कहा कि खेल नई पहल से लोगों को एकजुट करता है। आप एक व्यक्ति के रूप में वहां हैं। ऐसा व्यक्ति जो टीम में योगदान देना चाहता है। हम यही तो करना चाहते हैं, अपने अनुभवों को साझा करना। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्कूलों और बोर्ड का हिस्सा होने के नाते मैं अलग-अलग तरह के प्रशिक्षकों से मिलता हूं। मैं स्वयं बहुत कुछ सीखता हूं और ये वे अनुभव हैं जिन्हें मैं दूसरों को अवगत कराता हूं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की सलाह दी। तेंदुलकर ने कहा कि अपने सपनों का पीछा करते रहें, सपने सच होते हैं।

उन्होंने कहा कि कई बार हमें लगता है कि अब कुछ नहीं हो सकता लेकिन ऐसा कभी नहीं होता है। हमेशा आगे बढ़ने की ख्वाहिश आगे ले जाती है। इसलिए अतिरिक्त प्रयास करें और आप अपने लक्ष्य हासिल कर लोगे। उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता रमेश तेंदुलकर को याद किया जो कि प्रोफेसर थे। तेंदुलकर ने कहा कि जब हम पहुंच के बारे में बात करते हैं तो मुझे अपने पिताजी याद आते हैं जो प्रोफेसर थे और मुंबई के एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा करते थे और वह लगातार अपने विद्यार्थियों को पढ़ाने में व्यस्त रहे।

यह भी पढ़ेंः-IPL 2021: अर्जुन तेंदुलकर को लोगों ने कहा Nepotism, तो फरहान अख्तर ने कह दी बड़ी बात

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *