Match Fixing Cricket

यूं तो क्रिकेट (Cricket) हमेशा ही सुर्खियों में रहता है। लेकिन ये खेल जितना बाहर से सुंदर दिखता है अंदर से ये उतना ही खराब है। जी हां, ये खेल किसी खिलाड़ी को फर्श से अर्श तक पहुंचा देता है तो किसी अर्श से फर्श पर ले आता है। इस खेल से जुड़े कई खिलाड़ी तो जिंदगी भर के लिए बदनाम हो जाते हैं। ऐसा तब होता है जब किसी खिलाड़ी का नाम स्पॉट फिक्सिंग में आता है।

एक बार फिर से क्रिकेट पर फिक्सिंग (Fixing) के नाम का ग्रहण लगा है जिस वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने दो खिलाड़ियों पर 8 साल का बैन लगा दिया है। जी हां, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खिलाड़ियों आमिर हयात और अशफाक अहमद पर आईसीसी द्वारा बैन लगाया है,match fixing ICC इन दोनों खिलाड़ियों को भ्रष्टाचार रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। दरअसल, साल 2019 में हुए आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप क्वालीफायर के दौरान इन खिलाड़ियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।

इन दोनों खिलाड़ियों पर परिणाम के प्रभावित करने जैसे आरोपों के अलावा रिश्वत में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। कई मामलों में दोषी पाए जाने के बाद अनुच्छेद 2.1.3, 2.4.2, 2.4.3, 2.4.4 और 2.4.5 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। बता दें, आमिर हयात और अशफाक अहमद के अलावा क्रिकेट जगत के कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर मैच फिक्सिंग के आरोप लग चुके हैं।Match Fixingहालांकि, कुछ क्रिकेटर्स को क्लीन चिट मिल गई तो कुछ खिलाड़ियों के अच्छे करियर पर ग्रहण लग गया। टींम इंडिया के मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय शर्मा पर भी फिक्सिंग का आरोप लगा था। बीसीसीआई ने इस मामले पर कार्रवाई करते हुए अजहरुद्दीन को हमेशा के लिए बैन कर दिया गया था जिससे खिलाड़ी का करियर वहीं खत्म हो गया। अजहरुद्दीन को स्टाइलिश बल्लेबाजों में गिना जाता था। लेकिन खेल की गरिमा को ठेस पहुंचाना उनके करियर पर भारी पड़ गया।

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