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दो बार विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे हरभजन सिंह ने क्रिकेट को कहा अलविदा

  • 23 साल के बेहतरीन क्रिकेट कॅरिअर का समापन
  • आईपीएल टीम में कोच या मेंटर के रूप में जुड़ेंगे
  • हरभजन की दूसरा से खौफ खाते थे ऑस्ट्रेलियाई

दिल्ली। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। भज्जी ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर के जरिए अपने संन्यास का ऐलान किया। भज्जी के इस ऐलान के साथ ही उनके 23 साल के क्रिकेट कॅरिअर का समापन हो गया। 41 साल के हरभजन ने ट्वीटर पर लिखा कि सभी अच्छी चीजें खत्म हो जाती हैं और आज मैं उस खेल से विदा लेता हूं, जिसने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है, मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इस 23 साल की लंबी यात्रा को सुंदर और यादगार बनाया, आपका तहे दिल से शुक्रिया, आभारी। हरभजन सिंह की इस घोषणा के साथ उनके प्रशंसक उन्हेंने बेहतरीन क्रिकेट कॅरिअर के लिए धन्यवाद भी दिया।

 

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हरभजन सिंह अगले आईपीएल सीजन के लिए किसी एक टीम के साथ बतौर कोच या मेंटर जुड़ सकते हैं। साथ ही आईपीएल के मेगा ऑक्शन में भी टीम के लिए वह अहम भूमिका निभा सकते हैं। हरभजन सिंह ने भारत के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला साल 2016 में यूएई के खिलाफ एशिया कप टी-20 में खेला था। ज्ञात हो कि हरभजन पिछले आईपीएल सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े थे। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने पिछले आईपीएल मे सिर्फ 3 मुकाबले खेले थे जिसमें से उन्हें एक भी मुकाबले में सफलता नहीं मिली थी। हरभजन इसके पहले आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के लिए खेेले थे।

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टेस्ट क्रिकेट में बनाई थी शानदार हैट्रिक

टर्बनेटर के नाम से मशहूर हरभजन सिंह की गिनती दिग्गज ऑफ स्पिनरों के रूप में होती है। हरभजन ने अपनी गेंदबाजी से टीम इंडिया को कई मुकाबले में शानदार जीत दिलाई। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में हैट्रिक भी ली थी। हरभजन उस वक्त सिर्फ 21 साल के थे। लेग स्पिनर अनिल कुंबले के साथ उनकी जोड़ी ने टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। 2000 से लेकर 2010 तक हरभजन सिंह और अनिल कुंबले की जोड़ी ने ही भारतीय स्पिन का मोर्चा संभाला था।

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दूसरा से चकमा खाते रहे बल्लेबाज

हरभजन सिंह आॅफ स्पिनर के साथ गुगली भी शानदार फेकते रहे। उन्होंने एक विशेष गेंद इजाद किया था, जिसे दूसरा नाम देते थे। विदेशी बल्लेबाजों पर दूसरा का खौफ पूरी तरह से हाॅवी रहता था। कंगारू टीम पर उनके घातक गंेदबाजी अब भी याद की जाती है। दिग्गज स्पिनर रभजन सिंह अपने कॅरिअर में 2011 विश्व कप और 2007 टी-20 विश्व कप विजेता टीम के भी सदस्य रहे। उन्होंने 2011 के विश्व कप में 9 विकेट हासिल किए थे और 2007 टी-20 विश्व कप में 7 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई।

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हरभजन सिंह का अंतरराष्ट्रीय कॅरिअर

टेस्ट 103, विकेट 417
वनडे 236, विकेट 269
टी-20 28, विकेट 25

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हरभजन सिंह का पहला और आखिरी मैच

पहला टेस्ट बनाम ऑस्ट्रेलिया, 1998
आखिरी टेस्ट बनाम श्रीलंका, 2015

पहला वनडे बनाम न्यूजीलैंड, 1998
आखिरी वनडेर बनाम साउथ अफ्रीका, 2015

पहला टी-20रू बनाम साउथ अफ्रीका, 2006
आखिरी टी-20रू बनाम यूएई, 2016

आईपीएल कॅरिअर

मैच 163, विकेट 150

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