Saturday, January 23, 2021
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खराब अम्पायरिंग के खिलाफ पूर्व क्रिकेटर शेन वाॅर्न ने निकाली भड़ास

दिल्ली। अनिश्चितताओं का खेल क्रिकेट रोमांच के लिए जाना जाता है। कभी-कभी अम्पायर के एक गलत निर्णय से दूसरी टीम का लाभ होता है तो कभी किसी खिलाड़ी के लिए बहुत ही दुखद होता है। यहां तक कि किसी खिलाड़ी का कॅरिअर भी दांव पर लग जाता है। यूएई में आयोजित हुए इंडियन प्रीमियर लीग के 13 सीजन में अंपायरों के खराब डिसीजन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी। अंपायर का यह खराब स्तर दूसरे देशों की अन्य क्रिकेट लीगों में भी जारी है। अम्पायरों के खराब निर्णय के खिलाफ अब यह मांग उठ रही है कि इन लीगों में डिसीजन रिव्यू सिस्टम को लागू किया जाये। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित हो रहे बिग बैश लीग में अंपायरों के लगातार खराब फैसले के बाद पूर्व दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है। शेन वाॅर्न और वाॅन ने डीआरएस लागू करने की मांगी की है। दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि इस टूर्नामेंट में भी डीआरएस को लागू किया जाना चाहिए। शेन वॉर्न ने ट्वीट करते हुए लिखा कि माफी चाहूंगा लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि ऑस्ट्रेलिया में अंपायरों की जिम्मेदारी कौन ले रहा है। हर मैच में हमें खराब निर्णय देखने को मिल रहे हैं जो कि बिग बैश लीग जैसे टूर्नामेंट के लिए बेहद शर्मिंदगी वाली बात है।

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बिग बैश टूर्नामेंट काफी शानदार है लेकिन यह तेजी से मजाक बनता जा रहा है। इससे निश्चित तौर पर खिलाड़ियों का करियर खराब हो सकता है। हमें इसमें डीआरएस को जल्दी से लागू करना चाहिए। शेन वाॅर्न की इस तल्ख टिप्पणी के बाद क्रिकेट के आयोजकों को विचार करना होगा।
शेन वॉर्न के अलावा इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी बीबीएल में अंपायरिंग के खराब स्तर पर ट्वीट करते हुए लिखा कि बिग बैश लीग में डीआरएस जल्द लाना चाहिए। इस टूर्नामेंट में इस साल अंपायरिंग का स्तर बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि अम्पायरिंग से क्रिकेट का स्तर खराब होता है और खिलाड़ी निराश होते हैं।

ज्ञात हो कि उस समय सभी हैरान रह गए जब ब्रिस्बेन हीट और एडिलेड स्ट्राइकर्स के बीच खेले गए मैच के दौरान साफ तौर पर बॉल के बैट से लगने के बाद भी अंपायर ने बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि अंपायर ने उंगली उठाने से पहले बिल्कुल भी सलाह-मशविरा नहीं किया और बस अपील होते ही झट से उंगली उठा दी। बल्लेबाज को वापस पवेलियन लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। अम्पायरों के ऐसे निर्णय पर खिलाड़ी दुखी और आक्रोषित होते हैं। डीआरएस का निर्णय पर अम्पायरों को निर्णय पर बने रहने के लिए चुनौती देता है।

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