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दिल्ली। बीसीसीआई अध्यक्ष और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट को स्थगित करने की बजाय कैंसिल कर देना चाहिए। इसके बाद जब भी भारत और इंग्लैंड के बीच ये एक टेस्ट मैच खेला जाए उसे इस सीरीज का हिस्सा नहीं माना जा सकता। ज्ञात हो कि चैथे टेस्ट से पहले मुख्य कोच रवि शास्त्री, गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके थे। पांचवे टेस्ट से एक दिन पहले टीम के जूनियर फिजियो की कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। चार लोगोें के पाॅजिटिव आने के बाद सभी खिलाड़ी दहशत में आ गये थे। सौरभ गांगुली ने बताया कि खिलाड़ियों को जब योगेश परमार के कोविड पॉजिटिव होने का पता चला तो वो बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे। उन्हें डर था कि कहीं संक्रमण ने उनको भी अपनी जद में ना ले लिया हो इसलिए सभी खिलाड़ी घबराए हुए थे। बायो बबल में इस तरह से रहना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि आपको खिलाड़ियों की भावना का सम्मान करना होगा।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने खेलने से मना जरूर किया था लेकिन इसके लिए आप उन्हें दोषी नहीं ठहरा सकते हैं। फिजियो योगेश परमार प्लेयर्स के नजदीकी संपर्क में थे। नितिन पटेल के खुद को आइसोलेट करने के बाद वो टीम में मौजूद एकमात्र फिजियो थे। वो खिलाड़ियों के लगातार संपर्क में थे और उन्हें मसाज देने के साथ साथ उनके कोविड टेस्ट भी परमार हीं कर रहे थे। ऐसे भी सभी खिलाड़ियों का परेशान होना जायज है।

पांचवे टेस्ट को लेकर गांगुली ने कही ये बात

रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली समेत टीम इंडिया के कुछ अन्य सदस्यों के चैथे टेस्ट से पहले बुक लॉन्च इवेंट में शामिल होने को लेकर गांगुली बचाव करते दिखे. उन्होंने कहा कि इन हालात के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. गांगुली ने कहा कि ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाने वाला पांचवा टेस्ट कैंसिल होई गया है। ईसीबी को इसके चलते बहुत नुकसान हुआ है और हम जानते है कि इसकी भरपाई आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी हम कुछ समय के लिए इस मामले पर बात नहीं करना चाह रहे हैं। हम पांचवे टेस्ट को लेकर आपसी विचार-विमर्श के बाद कोई निर्णय लेंगे। अगले साल जब भी ये टेस्ट मैच खेला जाएगा। ये सीरीज का खुद का एक टेस्ट मैच होगा। ये अब इस सीरीज का हिस्सा नहीं हो सकता है। सौरभ ने कहा है कि बीसीसीआई ने ईसीबी को इस मामले में सोचने के लिए कुछ और वक्त दिया है।

खिलाड़ियों के सामने यह था संकट

ज्ञात हो कि भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का अंतिम टेस्ट मैच ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाना था। भारत के हेड कोच रवि शास्त्री और सपोर्ट स्टाफ के कुछ अन्य सदस्य चैथे टेस्ट से पहले कोविड सवंमित हो गये थे। पांचवे टेस्ट की शुरुआत से पहले टीम इंडिया के के सपोर्ट स्टाफ के जूनियर फिजियो योगेश परमार की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लगातार संक्रमण की रिपोर्ट आने के साथ खिलाड़ी भयभीत हो गये थे। जिसके बाद एहतियातन टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने पांचवा टेस्ट खेलने से इनकार कर दिया था।

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