आज बन रहा है बहुत बड़ा योग,भगवान शिव के साथ गणेश पूजन करने से मिलेगा आशीर्वाद, लेकिन भूलकर भी ना करें ये गलती

Vinayak Chaturthi In Ravi Yog: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विनायक चतुर्थी किस दिन बहुत बड़ा योग बन रहा है। इस दिन आपको एक काम नहीं करना चाहिए वरना इसका प्रभाव बहुत बुरा पड़ेगा।

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Vinayak Chaturthi In Ravi Yog: 

Vinayak Chaturthi In Ravi Yog: भगवान शिव के बेटे गणेश का पूजन वैसे तो सर्वप्रथम किया जाता है। लेकिन गणेश चतुर्थी की सबसे बड़ी मान्यता है हर माह के दोनों पक्षों की चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित की जाती है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है वही शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। इस बार विनायक चतुर्थी सावन के महीने में 1 अगस्त सोमवार के दिन पडने वाली है बहुत बड़ा योग बना है कि महादेव और उनके गणेश जी की पूजा एक साथ एक ही दिन होगी। भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ अगर आप लोग गणेश जी की पूजा करते तो भगवान गणेश जी की कृपा हमेशा बनी रहेगी । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विनायक चतुर्थी किस दिन बहुत बड़ा योग बन रहा है। इस दिन आपको एक काम नहीं करना चाहिए वरना इसका प्रभाव बहुत बुरा पड़ेगा।

विनायक चतुर्थी के दिन बन रहा है बहुत बड़ा योग

विनायक चतुर्थी के दिन बहुत बड़ा योग बन रहा है। विनायक चतुर्थी के दिन रवि योग बन रहा है । सावन माह की विनायक चतुर्थी 1 अगस्त सोमवार प्रातः 4:18 से शुरू होकर 22 अगस्त मंगलवार प्रातः 5:13 पर समाप्त होगी। इस दिन रवि योग बन रहा है रवि योग सोमवार के दिन सुबह 5:42 से शुरू होगा और शाम 4:06 तक चलेगा। अगर आप लोग गणेश पूजन करना चाहते तो आपके लिए शुभ होगा आपको गणेश पूजन सुबह 11:06 से दोपहर 11: 48 मिनट के बीच करना होगा इससे भगवान शिव और गणपति जी की विशेष कृपा बनी रहेगी।

कहते हैं कि, किसी व्रत या त्योहार में अगर रवि योग बन जाता है तो बेहद ही खास होता है ।कहते हैं कि रवि योग में सूर्य का प्रभाव ज्यादा होता है इसीलिए रवि योग में किए गए कार्य शुभ फल देते हैं। लेकिन इस दिन भूलकर भी एक गलती ना दो रहा है नहीं तो इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।

चंद्र दर्शन करना वर्जित

सोमवार के दिन रवि योग बन रहा है और भगवान शिव को गणेश जी की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाएगा भगवान गणेश और शिव जी दोनों ही अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखेंगे लेकिन इस दिन चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है भूल कर भी इस गलती को ना करें।

दरअसल द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा का दर्शन किया था। जिसके बाद उन पर स्यामंतक मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगाया था। इसको गलत साबित करने के लिए श्री कृष्ण भगवान को जामुन से कई दिनों तक युद्ध करना पड़ा इसके बाद उसने अपनी पुत्री का विवाह श्री कृष्ण के साथ कर दिया। जिसके बाद इस झूठ से उन्हें छुटकारा मिला था।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. upvartanews इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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