2022 में कब और कितने लगेंगे सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण, जानें इससे जुड़ी अहम बातें

ग्रहणों से जिंदगी में काफी असर पड़ता है. इस साल 2022 में कुल 4 ग्रहण लगने वाले हैं. इनमें से 2 सूर्य ग्रहण हैं तो वहीं बाकी के 2 चंद्र ग्रहण हैं.

0
394

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की घटनाओं को खगोल विज्ञान और ज्‍योतिष दोनों में ही बहुत अधिक महत्वपूर्ण बताया जाता है. इन ग्रहणों को देखने, उनसे नई नई जानकारियां प्राप्त करने के लिए खगोल विज्ञानी एक ओर जहां काफी इंतजार करते हैं, तो वहीं ज्‍योतिष में ग्रहणों को बेहद ही अशुभ बताया गया है. इन ग्रहणों से जिंदगी में काफी असर पड़ता है. इस साल 2022 में कुल 4 ग्रहण लगने वाले हैं. इनमें से 2 सूर्य ग्रहण हैं तो वहीं बाकी के 2 चंद्र ग्रहण हैं.

कब कब लगेंगे ग्रहण

साल का पहला ग्रहण

साल 2022 में साल का पहला ग्रहण सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को दोपहर 12:15 बजे से लेकर शाम 04:07 बजे तक दिखाई देने वाला है. साल में ये आंशिक सूर्य ग्रहण होने वाला है. यह दक्षिण-पश्चिम अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक और अंटार्कटिका में मुख्य तौर पर नजर आने वाला है. इस ग्रहण का प्रभाव भारत में दिखाई नहीं देने वाला है, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्‍य नहीं होने वाला है.

साल का दूसरा ग्रहण

16 मई को साल का दूसरा ग्रहण चंद्र ग्रहण लगने वाला है. ये इस साल 2022 का दूसरा ग्रहण और पहला चंद्र ग्रहण होगा. यह ग्रहण सुबह 07:02 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहने वाला है. पहले सूर्य ग्रहण के जैसे ही यह चंद्र ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा. इस वजह से ये सूतक काल भी मान्‍य नहीं होगा. मुख्य तौर पर यह ग्रहण दक्षिणी-पश्चिमी यूरोप, दक्षिणी-पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पैसिफिक, अटलांटिक, अंटार्कटिका, हिंद महासागर में दिखाई देने वाला है.

साल का तीसरा ग्रहण

25 अक्टूबर को साल 2022 का तीसरा ग्रहण और दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह भी आंशिक ग्रहण होगा और शाम 04:29 बजे से 05:42 बजे तक ये रहने वाला है. यह भी भारत में नहीं नजर आएगा . इसे यूरोप, दक्षिण-पश्चिम एशिया, अफ्रीका और अटलांटिका में देखाई न देगा. सूतक काल भी इस ग्रहण में मान्‍य नहीं होगा.

साल का आखिरी ग्रहण

साल 2022 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को दोपहर 01:32 बजे से शाम 07:27 बजे तक रहेगा. यह ऐसा चंद्र ग्रहण होगा जो कि भारत में दिखाई देगा. इस वजह से इसका सूतक काल भी मान्‍य होगा. भारत के साथ-साथ इस ग्रहण को दक्षिणी-पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक और हिंद महासागर में देखा जाएगा.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. upvartanews इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

इसे भी पढ़ें-7 जिलाें के जज पर पटना हाईकोर्ट की बड़ी कार्यवाई, सुनवाई पर भी लगाई रोक