इस समय नवरात्रि का पावन हफ्ता चल रहा है. इन दिनों माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूरे नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है. नौ दिनों के बाद विजया दशमी या दशहरा का पर्व आता है, जिसको लोग धूमधाम से मनाते हैं. दशहरा हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक पर्व है क्योंकि ये लंका नरेश रावण पर भगवान राम की जीत का प्रतीक माना जाता है. आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को Dussehra मनाया जाता है.

क्या है इस पर्व की धार्मिक मान्यता?

दशहरे के दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में पूरा देश मनाता है. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, असुर महिषासुर ने देवताओं के बीच आक्रोश पैदा कर दिया था, इसलिए उन्होंने भगवान महादेव की सहायता मांगी थी, जिन्होंने तब माता पार्वती को प्रबुद्ध किया और उनके पास असुर को नष्ट करने की शक्ति थी. ये नवरात्रि के आखिरी दिन था, माता दुर्गा (Durga Mata) ने महिषासुर का वध भी किया और देवताओं को उसके प्रकोप से बचाया भी था. तो वहीं ये दिन रावण पर भगवान राम की जीत का प्रतीक भी कहा गया है, जैसा कि पवित्र पुस्तक रामायण (Ramayan) में भी लिखा गया है कि प्रभु श्रीराम के हाथों रावण का वध होने के बाद से ही दशहरे को मनाने की रीति शुरू हुई थी.

इस बार कब मनाया जाएगा दशहरा?

इस साल दशहरा का पर्व 15 अक्टूबर 2021 दिन शुक्रवार को मनाया जाने वाला है. इस बार नवरात्रि 7 अक्टूबर को शुरू हो गये थे. एक साथ दो तिथियां होने की वजह से नवरात्रि आठ दिन के ही हैं. इस हिसाब से 14 अक्टूबर को महानवमी है और इसके अगले दिन यानी कि 15 अक्टूबर को दशहरा सेलिब्रेट किया जाएगा. खास बात ये है कि इस बार दशहरा के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. शुभ मुहूर्त में पूजा करने से भक्तों को लाभ मिलेगा.

ये रहा तिथि और शुभ मुहूर्त

15 अक्टूबर, शुक्रवार को दशहरा है. इसका शुभ मुहुर्त दोपहर 02:02 से दोपहर 02:48 तक.
अपर्णा पूजा का समय – दोपहर 01:16 बजे से दोपहर 03:34 बजे तक
दशमी तिथि प्रारंभ – 14 अक्टूबर 2021 को शाम 06:52 बजे
दशमी तिथि समाप्त – 15 अक्टूबर 2021 को शाम 06:02
श्रवण नक्षत्र प्रारंभ – 14 अक्टूबर 2021 को सुबह 09:36 बजे
श्रवण नक्षत्र समाप्त – 15 अक्टूबर 2021 को सुबह 09:16 बजे

बन रहे हैं 3 शुभ योग

दशहरा के दिन इस बार 3 शुभ योग बन रहे हैं. पहला योग रवि योग है जो कि 14 अक्टूबर को शाम 9.34 मिनट पर शुरू होगा और 16 अक्टूबर की सुबह 9 .31 मिनट तक है. तो वहीं दूसरा योग सर्वार्थ सिद्ध योग है जो 15 अक्टूबर को सुबह 6.02 मिनट से शुरू होकर 9 .15 मिनट तक रहने वाला है. इसके अलावा तीसरा योग कुमार योग है जो कि सुबह सूर्योदय से शुरू होकर 9.16 मिनट तक रहेगा. इस योग में पूजा करना शुभ है.

पूजन विधि

दशहरे वाले दिन (Dussehra) चौकी पर लाल कपड़े को बिछाकर उस पर भगवान श्रीराम और मां दुर्गा की मूर्ति रखें. इसके बाद हल्दी से चावल पीले करने के बाद स्वास्तिक के रूप में गणेश जी को स्थापित करें और इसी के साथ ही नवग्रहों की स्थापना करें और अपने ईष्ट की पूजा करें. अपने ईष्टों को स्थान दें और लाल फूलों से पूजा करें, गुड़ के बने पकवानों से भोग लगा दें. गरीबों में दान-दक्षिणा करें.

यह भी पढ़ें:-गुरुवार, 14 अक्टूबर राशिफल : स्वास्थ्य का रखें ध्यान, सोच समझकर करें निर्णय,जानें अपना भाग्यफल