ऐसे दौर में जब पूरी दुनिया पहले से ही कोरोना के खौफ से खौफजदा हो चुकी है तो ऐसी स्थिति में 21 जून 2020 को लगने वाला ये सूर्य ग्रहण कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल जोतिषि इसका समुचित उत्तर भी देते हुए नजर आ रहे हैं। यह ग्रहण 25 साल बाद वलायाकार यानी अंगूठी की तरह दिखने वाला ग्रहण है। भारत के कई शहरों में सूर्य का घेरा चमकती हुई अंगूठी की तरह दिख रहा है। इससे पहले यह ग्रहण 1995 में देखा गया था। भारत सहित पूरे विश्व के कई देशों में यह ग्रहण देखने को मिल रहा है। ज्योतिषों के मुताबिक यह ग्रहण सुबह 09.15 बजे से शुरू होकर दोपहर 03.04 मिनट पर खत्म होगा।

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ज्योतिषियों का इस सूर्य ग्रहण (solar-eclipse) पर कहना है कि इसके कई दूरदर्शी परिणाम हो सकते हैं। भले ही सूर्य ग्रहण लगने की वजह खोगिलिय घटना बताई जाती रही हो लेकिन ज्योतिषि और विज्ञान के दृष्टिकोण से इसका एक खास महत्व है। इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं ऐसे समय में जब समस्त विश्व कोरोना के कहर से त्राहि-त्रारि कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में ज्योतिषियों ने इस सूर्य ग्रहण के संदर्भ में कहा कि महामारी के दौर में लगने वाला यह ग्रहण काफी अशुभ है। यह सूर्य ग्रहण भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया के लिए महामारी वाला ग्रहण साबित होगा।

यहां-यहां दिखेगा ग्रहण 
21 जून को लगने वाला यह ग्रहण भारत सहित शेष विश्व के कई देशों में लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण भारत, पाकिस्तान, चीन, सेंट्रल अफ्रीका के देश, कॉन्गो, इथोपिया, नॉर्थ ऑफ ऑस्ट्रेलिया, हिंद महासागर और यूरोप के अलग-अलग देशों में दिखाई देगा। राजस्थान के सूरतगढ़ और अनूपगढ़, हरियाणा के सिरसा, रतिया, और कुरुक्षेत्र तथा उत्तराखंड के देहरादून, चंबा, चमोली और जोशीमठ जैसे क्षेत्रों से ‘अग्नि-वलय’ एक मिनट तक दिखेगा।

इस आकार का दिखेगा सूर्य ग्रहण 
बताते चले कि यह सूर्य ग्रहण कई पहलुओं में खासा मायने रखता है। यह सूर्य ग्रहण रिंग ऑफ फायर की तरह दिखेगा। वहीं ज्योतिषियों का कहना है कि दिल्ली में यह ग्रहण 10 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगा और 01 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगा। साथ ही उत्तरी राज्यों राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड में सूर्य ग्रहण की वलयाकार यानी पूर्ण छल्लेदार अवस्था दिखेगी।  वहीं बाकी के देशों में आंशिक ग्रहण देखने को मिलेगा।देहरादून, कुरुक्षेत्र, चमोली, जोशीमठ, सिरसा, सूरतगढ़ में यह सूर्य ग्रहण पूर्ण छल्ला के रूप में दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण के समय क्या करें और क्या न करें
सूर्य ग्रहण को आप नग्न आंखों से न देखे। चूंकि नग्न आंखों से सूर्य ग्रहण को देखना हनिकारक साबित हो सकता है। इसलिए चश्मा या फिर टेलीस्कॉप के जरिए ही सूर्य ग्रहण को देखने की कोशिश करें। हो सके तो इस दौरान घर से बिल्कुल भी बाहर न निकले और गर्भवती महिलाओं को तो बिल्कुल भी सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए। ज्योतिषियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के खाद्द पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। मगर यह नियम बीमार और बच्चों पर लागू नहीं होता है।

इस मंत्र का करें जाप 
ज्योतिषियों के मुताबिक यह ग्रहण ऐसे समय में लगने जा रहा है, जब राहु-केतु समेत कुल छह ग्रह वक्री हैं, इसलिए इसका भारत समेत कई देशों में नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं ज्योतिषियों के मुताबिक, कुछ मंत्रों का जाप कर आप इस संकट को टाल भी सकते हैं।

1. “तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन। हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥१॥”

2.“विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत। दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥२॥”

3. “ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात”

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