आचार्य चाणक्य(chanakya) अपनी बुद्धिमता के लिए आज भी दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं. लोगों को उनकी नीतियां और विचार भले ही थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है और ये नीतियां जीवन में काफी काम आती है। आज कल के भागदौड़ के जीवन में लोग इसे नजरअंदाज करते हैं. लेकिन ये वचन जीवन की हर मुश्किल घड़ी में हमारी मदद करेंगे। आज हम आपको आचार्य चाणक्य की उस नीति के बारें में बताएंगे जिसमें एक अच्छे दोस्त, भाई और पत्नी की पहचान कैसे और कब होती है.

चाणक्य के अनुसार नौकर की पहचान काम के समय, सच्चे भाई और अच्छे मित्र की पहचान मुसीबत के समय और पत्नी की पहचान तब होती है, जब व्यक्ति के पास धन नहीं होता है. चाणक्य जी मानते हैं कि जो पत्नी मुश्किल घड़ी में अपने

chanakya niti know which qualities of mother father and children are responsible for the happiness of the house read chanakya niti shlok on family with hindi meaning | Chanakya Niti : जानेंपति का साथ देती है, वह सच्ची जीवन-साथी होती है। इसी तरह जो मित्र संकट पड़ने पर या फिर शत्रुओं से घिर जाने पर अपने दोस्त का साथ देता है, वही अच्छा और सच्चा मित्र होता है।

चाणक्य का कहना है कि व्यक्ति को मित्रता करते वक्त बेहद ही सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि बुरी संगति या फिर बुरा

जानें आचार्य चाणक्‍य की ये 5 बातें, ये चीजें व्‍यक्ति को बना देती हैं बूढ़ामित्र संकट के समय आपको धोखा दे सकता है। वहीं सच्चा दोस्त हर परिस्थिति में आपका साथ निभाता है और मुसीबत वक्त में आपका साथ देता है.

चाणक्य जी के अनुसार धन के मामले में व्यक्ति को किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि धन को देखकर किसी का भी विश्वास डगमगा सकता है। ऐसे में व्यक्ति को रुपये और पैसों के मामले में हर किसी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

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