shani

शनि अगर किसी की राशि में विद्यमान हो जाते है और उनका प्रभाव प्रतिकूल होता है, तो इंसान को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कुछ उपायों से शनि ग्रह (Shani Grah) के दोषों को दूर किया जा सकता है. जिन लोगों को शनि दोष के बारे में पता नहीं है या जिनकी कुंडली नहीं बनी है, वो कुछ संकेतों (Indications) से इस बात को जान सकते हैं कि उन पर शनि का कैसा प्रभाव है. आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कौन से संकेत से शनि के अशुभ प्रभाव का पता चलेगा और कैसे इन प्रभावों को दूर किया जा सकता है.

ऐसे पता चलता है शनि का बुरा प्रभाव

– व्‍यक्ति को पैरों से जुड़ी कोई बीमारी हो सकती है.
– व्यक्ति का कैपेसिटी से ज्यादा काम करना और उसके बाद भी उसका श्रेय नहीं मिलना.
– हमेशा आर्थिक नुकसान होना या बनते बनते किसी काम का बिगड़ जाना.
– पालतू जानवर जो काले हों जैसे- काला कुत्ता या भैंस का मर जाना.
– मेहनत के बराबर फल ना मिलना.
– झूठे आरोपों पर कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाना.
– शनि के अशुभ प्रभाव के कारण नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
– किसी महंगी चीज का खो जाना या चोरी होना.
– घर की दीवारों पर पीपल के पौधे का उगना.
– बार बार घर के कोनों में मकड़ियां का जाल बनाना.
– चींटियों का घर में प्रवेश होना
– काली बिल्ली का घर के आस पास मंडराना.

बचने के लिए करें ये उपाय

शनि के प्रकोप से बचने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़े, कौवे को रोटी दें. भिखारी या असहाय इंसान की मदद करें और दान दें. भैंस, लोहा, तेल, काला वस्त्र, काली गौ, तिल, उड़द और जूता दान करने से अधिक लाभ मिलता है. एक कटोरी में तिल का तेल डाले और उसमें अपना मुख देख कर उसे शनि मंदिर में रख आएं. शनि को तिल का तेल अर्पित करें, इससे शनि बहुत खुश होते हैं. काली चीजें जैसे काले चने, काले तिल, उड़द की दाल, काले कपड़े आदि का जितना हो सके दान करें.

निस्वार्थ मन से किसी गरीब की सहायता करें. पीपल के पेड़ की जड़ में चंदन, केसर, चावल, फूल मिला हुआ जल अर्पित करें. शनिवार को तिल के तेल का दीपक जलाए और पूजा करें. मांसाहार ना करें ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें.

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