Friday, January 15, 2021

दान से लेकर सूर्य देव की पूजा तक, खरमास में अपनाएं ये 8 नियम, दूर होंगी मुश्किलें

हिंदू धर्म में खरमास का महीना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. हर माह सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं और मध्य दिसंबर में सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं. इस कारण इसे खरमास (Kharmas 2020) कहते हैं. इस वर्ष खरमास माह की शुरुआत 15 दिसंबर से हो चुकी है और इसी के साथ सारे शुभ कार्यों पर पाबंदी लग गई है. खरमास के दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते. खरमास 14 जनवरी 2021 यानि मकर संक्रांति वाले दिन समाप्त होगा. इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और देशभर में संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा. खरमास में कुछ विशेष उपायों की मदद से इस माह का लाभ उठाया सकता है. तो चलिए जानते हैं ऐसे 8 नियम जिन्हें खरमास में जरूर करने चाहिए.

सूर्य को जल
सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से खरमास की शुरुआत होती है. ऐसे में खरमास के पूरे माह सूर्यदेव को नियमित रूप से जल अर्पित करें. इससे सेहत अच्छी होगी और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी. खरमास में प्रातः स्नान आदि कर उगते सूरज को अर्घ्य देने से कार्य में आ रही बाधाएं खत्म होती हैं.

तुलसी पूजा
हिंदू धर्म में तुलसी पूजा का विशेष महत्व होता है और खरमास में तुलसी पूजा करना शुभ माना गया है. इसलिए खरमास के पूरे माह नियम बना ले और नियमित रूप से शाम को तुलसी के पौधे पर घी का दीपक जलाएं. इससे मुश्किलों का अंत होगा और खुशहाली आएगी.

दान
खरमास के माह को दान और पुण्य का महीना माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इस महीने में दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है. ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करें. ध्यान रहे कि गरीबों और जरूरतमंद व्यक्तियों का अपमान भूलकर भी ना करें.

एकादशी व्रत
खरमास में भगवान विष्णु की पूजा करना कल्याणकारी होता है. इसलिए खरमास में पड़ने वाली एकादशी के दिन उपवास जरूर करें. इससे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होगी. मान्यता है कि, जो लोग खरमास की एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं उन्हें बैकुंठ धाम मिलता है.

गौशाला
हिंदू धर्म में गाय की पूजा का महत्व है और गाय की पूजा करने से पुण्य मिलता है. इसलिए खरमास में गायों को गुड़, चना खिलाएं. अगर ये ना कर पाएं तो घर के मंदिर में गाय की मूर्ति या प्रतिमा की पूजा करें.

तीर्थ यात्रा
खरमास में तीर्थ यात्रा शुभ मानी गई है. इसके अलावा भगवत गीता, श्री राम पूजा, कथा वाचन, विष्णु और शिव पूजन करना भी शुभ होता है. ऐसा करने से ईश्वर की कृपा बरसती है.

पीपल की पूजा
खरमास के महीने में नियमित रूप से पीपल के पेड़ की पूजा करें. ऐसा माना जाता है कि पीपल के पेड़ पर देवों का वास होता है. सुबह के समय पीपल पर जल चढ़ाएं और पूजा करें. साथ ही शाम में पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.

लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ
खरमास में पड़ने वाले शुक्रवार के दिन लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें. ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देती हैं. साथ ही जो लोग लक्ष्मी स्तोत्र पा पाठ करते हैं उनके घर में मां लक्ष्मी का वास व सुख-समृद्धि बरसती है.

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