सोमवार को भूलकर भी ये काम न करें, वरना नहीं बरसती भगवान शिव की कृपा

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हिंदू धर्म में सोमवार के दिन का काफी महत्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा होती है। जिसके चलते कई लोग हर सोमवार भगवान शिव को जल चढ़ाने मंदिर भी जाते है। तो कई लोग कच्चे दूध से भी उनका अभिषेक करते है। दरअसल मान्यता है कि सोमवार के दिन जो भी भगवान शिव की भक्ति करता है उनकी पूजा करता है उस व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसलिए सोमवार के दिन ही लोग भगवान शंकर को याद करते है। तो कई लोग उन्हे प्रसन्न करने के लिए उनका व्रत भी करते है। विशेष तौर पर इस दिन दंपत्ति अगर मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं तो उनका वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाता है। वैवाहिक जीवन के अलावा भी सोमवार का व्रत व्यक्ति के लिए हितकारी माना जाता है। वैसे भगवान शिव का दूसरा नाम भोले है और कहा जाता है कि वह अपने भक्तों से बहुत जल्दी प्रसन्न भी हो जाते है। लेकिन अगर उनकी पूजा पाठ में कोई कमी रह जाए। तो उनका क्रोध भी भक्त को देखना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इनकी पूजा में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। तो आईए जानें इनकी पूजा में कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पूजा के वस्त्र
शिव की पूजा से पहले उनके वस्त्रो का खास ध्यान रखे। कई लोग पूजा तो कर लेते है लेकिन शिव के वस्त्रों का ध्यान नहीं रखते। लेकिन इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता। शास्त्रों के मुताबिक, शिव की पूजा के समय हरे रंग का कपड़ा पहना। ये रंग काफी शुभ माना जाता है। वही दूसरी तरफ जो लोग किसी भी रंग के वस्त्र पहनकर पूजा कर लेते हैं उन पर शिव की कृपा नहीं होती और न ही पूजा का सही फल मिल पाता है। साथ ही जहां सोमवार के दिन हरा रंग ज्यादा चलता है। तो वही काले रंग से दूरी बनाए रखेय़ क्योंकि मान्यताओं के अनुसार, शिव को काला रंग पसंद नहीं है और काले रंग के कपड़ों से वो क्रोधित हो जाते है। इसलिए पूजा के दौरान काले कपड़े से हमेशा दूरी बनाए रखे। कोशिश करें कि सोमवार को शिव पूजा में हरा, लाल, सफ़ेद, केसरिया, पीला या आसमानी रंग के वस्त्र ही धारण करें।

भूलकर भी शिव पर न चढ़ाएं
मान्यता है कि शिव को सफेद रंग के फू काफी पसंद है। लेकिन पूजा के दौरान शिव जी को केतकी के फूल सफेद होने के बावजूद कभी न चढ़ाए। वहीं भगवान शिव की पूजा में शंख से जल अर्पित करने का विधान भी नहीं , इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा में कभी भी तुलसी को इस्तेमाल नहीं होता और न ही तिल का कभी शिव की पूजा में प्रयोग होता है। क्योंकि मान्यता है कि तिल भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ माना जाता है, ऐसे में तिल भगवान विष्णु को तो अर्पित किया जाता है पर शिव जी को नहीं चढ़या जाता। ये भी पढ़ें:-सोमवार के दिन भगवान शिव की इस तरह करें पूजा, पूरी होंगी आपकी सारी मनोकामनाएं

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