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महाभारत काल से हुई थी छठ पूजा की शुरुआत, छठी मईया का सूर्य देव से है बेहद खास रिश्ता

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हिंदुओं में दीपावली के त्योहार को सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। रोशनी से जगमग करता ये त्योहार कई मायनों में बेहद ही खास होता है। पूरे 5 दिनों तक चलने वाला ये त्योहार भैयादूज तक ही नहीं बल्कि छठ पूजा तक चलता है। छठ पूजा को उत्तर-प्रदेश व बिहार में बेहद दी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की अपनी अलग ही खासियत है। छठ पूजा 4 दिनों तक चलती है। इस दौरान उगते हुए सूर्यभगवान को अर्घ्य देने की परंपरा है। वैसे तो छठ पर्व से जुड़ी कई पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं। जिनमें छठ पूजा पर्व के बारे में बताया गया है।

छठ पर्व की ऐतिहासिक कहानियां
कहा जाता है कि, राजा प्रियंवद की कोई संतान नहीं थी। तब महर्षि कश्यप ने पुत्र प्राप्ति के लिए राजा की पत्नी मालिनी को यज्ञ कराकर आहुति के लिए बनी खीर दी, इससे उन्हें संतान रूप में पुत्र की प्राप्ति हुई। पर वह पुत्र मरा हुआ पैदा हुआ। इस पर राजा पुत्र को श्मशान लेकर गए और दुख में अपने प्राण त्यागने लगे। राजा को इस तरह देख मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुईँ। और राजा को बताया कि, वह सृष्टि की मूल प्रवृति के 6वें अंश से उत्पन्न हुई हैं। इस कारण उन्हें षष्ठी कहा जाता है।

साथ ही उन्होंने राजा से उनकी पूजा करने की बात कही। और राजा से कहा कि, वह दूसरों को भी उनकी पूजा करने के लिए कहें। इस पर राजा ने बिल्कुल वैसा किया। और षष्ठी का उपवास भी किया। ऐसा करने से उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। कहा जाता है कि, पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को हुई थी तभी से छठ पूजा पर्व मनाया जाता है।

महाभारत काल में हुई थी छठ की शुरुआत
कहा तो ये भी जाता है कि, इस पर्व की शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। उस वक्त सूर्यपुत्र कर्ण ने सूर्य की पूजा करके इस पर्व की शुरुआत की थी। भगवान कर्ण सूर्य के परम भक्त थे। और सूर्य की आराधना के लिए वह हर दिन कमर तक पानी में खड़े होकर अर्घ्य दिया करते थे। कहते है कि, वह सूर्य की कृपा से ही एक महान योद्धा बने। तभी से छठ में अर्घ्य देने की परंपरा है। वैसे एक कहानी और भी प्रचलित है। जो द्रोपदी से जुड़ी है। कहते हैं कि, जब पांडव जुए में हार हए थे। तब द्रौपदी ने छठ उपवास रखा था। पूरी श्रद्धा के साथ उपवास करने से उनकी मनोकामना पूरी हुई थी। और जुए में खओया राजपाठ पांडवों को वापस मिल गया था। परंपरा के अनुसार सूर्य देव और छठी मईया का रिश्ता भाई-बहन का है। इस कारण भी छठ पर्व पर सूर्य देवता की आराधना की जाती है। बता दें, इस साल छठ पूजा 2 नंवबर को पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। ये भी पढ़ेंः- अब दिवाली, छठ और दुर्गा पूजा के मौके पर हर कोई मिल पाएगा अपनों से, इंडियन रेलवे ने किया ये खास इंतजाम 

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