chanakya niti

जीवन को बेहतरीन बनाने के लिए आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) ने कई सारे तरीके बताए हैं. इसमें सबकुछ आता है इसमें चाहे अच्‍छे-बुरे लोगों की पहचान करना सीखने के तरीके हों या फिर उनसे निपटने के तरीके हों. अपनी चतुरता से कई दुश्मनों (Enemies) को पछाड़ने के लिए आचार्य चाणक्‍य ने बहुत सी राय दी है. आज भी उनकी नीतियां-तरीके पूरी तरह प्रासंगिक हैं, चाहे फिर वो राजनीति हो, नौकरी-व्‍यापार हो या अन्‍य क्षेत्र से जुडी हो. हर जगह तरह तरह के लोग होते हैं, उनमें से कुछ अच्‍छे होते हैं, तो कुछ बुरे. आज हम आपको चाणक्‍य नीति (Chanakya Niti) के अनुसार बताएंगे कि अगर दुश्‍मन बार-बार आप पर वार करता है, तो उससे कैसे निपटना चाहिए.

इन तरीकों से दुश्मनों के दें शिकस्त

– जो भी शक्तिशाली शत्रु होता है, वो आपकी जान-संपत्ति या प्रतिष्‍ठा (Image) को हानि पहुंचाने के लिए आप पर किसी ना किसी तरह से प्रहार करेगा. अगर आपका दुश्‍मन आपसे अधिक शक्तिशाली है तो उसके सामने कभी भी नहीं आना चाहिए, इस तरह में छिप कर रहने में ही समझदारी है.

– दुश्मन को हराने के लिए कभी भी क्रोध और द्वेष का प्रयोग ना करें. हमेशा शांति के साथ हर मुश्किल को निपटाने का प्रयास करें. पहले शत्रु की कमजोरी को पहचानें, फिर उसपर पलटवार करें, जिससे वो चारों खाने चित्त हो जाए.

– वो दुश्‍मन सबसे अधिक खतरनाक होता है जो आपसे दुश्मनी निभाने के लिए कोई भी हद पार कर जाएं. इसके लिए वो साम, दाम, दंड और भेद की सभी नीतियों को अपना भी सकता है. इससे आप सदैव डर के और तनावयुक्त रहेंगे. इसीलिए शत्रु पर निगरानी रखने के साथ-साथ अपनी सेहत पर भी नजर रखें, वरना दुश्‍मन बिना कुछ किए ही आपको हरा देगा.

– आपका शत्रु अगर आपसे छिपकर आपकी प्रतिष्‍ठा को हानि पहुंचाता है, या ऐसा करने की कोशिश करता है, तो आपको हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है. इस स्थिति में लड़ने से बेहतर है कि कूटनीति का प्रयोग किया जाए.

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