ज्योतिषियों की बड़ी भविष्यवाणी, 972 साल बाद बना खास संयोग, कोरोना संकट पर कह दी बड़ी बात

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Kashi Pandits predicted on Corona

शनि देव (shani dev) का जन्म ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर हुआ था. इसलिए इस दिन को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है. इस बार शनि जयंती 22 मई को मनाई जा रही है. इस दिन शनि भक्त और सभी लोग शनि का विशेष पूजन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना करते हैं. शनि जयंती से पहले ज्योतिषियों ने बताया था कि, इस बार 972 साल बाद खास संयोग बन रहा है जो कई रूपों में अच्छा माना जा रहा है. इससे पहले ऐसा संयोग 1048 में बना था और इसके बाद पूरे 500 सालों बाद बनेगा. इस विशेष संयोग के बारे में अब काशी के पंडितों ने बहुत सी बातें बताई हैं साथ ही कोरोना पर भी बड़ी भविष्यवाणी की है.

कोरोना पर बड़ी भविष्यवाणी
काशी के ज्योतिषियों ने जो भविष्यवाणी की है वह हर किसी के लिए एक उम्मीद के समान है. क्योंकि, इस समय पूरा देश कोरोना का प्रकोप झेल रहा है.Shani dev ऐसे में ज्योतिषियों का कहना है कि, शनि जयंती के दिन चार ग्रह सूर्य, चंद्र, बुध और शुक्र एक साथ वृष राशि में ही रहेंगे. ऐसे में 972 साल बाद बने संयोग से शनि जयंती के बाद कोरोना में कमी देखने को मिल सकती है.

क्या कहना है काशी के पंडित का
शनि जंयती पर ज्योतिषाचार्य और काशी विद्वत परिषद् के संगठन मंत्री पंडित दीपक मालवीन ने अध्ययन किया और बताया कि, जो संयोग इस बार शनि जयंती पर बना है उससे कोरोना को हराने में काफी मदद मिलेगी.corona virus इनकी यह भविष्यवाणी हर किसी को हिम्मत देने वाली है क्योंकि, कोरोना के आगे तमाम बड़े देश घुटने टेक चुके हैं.

21 जून को सूर्य ग्रहण
पंडित दीपक मालवीन ने बताया कि, किसी भी संक्रमण का समय एक ग्रहण काल से दूसरे ग्रहण तक ही रहता है. जब कोरोना की शुरुआत हुई थी तो 26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण पड़ा था. इस ग्रहण के बाद अब सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 को पड़ेगा. इस अवधि के बीच कोरोना ने काफी तबाही मचाई पर अब कमी आ जाएगी.

साढ़ेसाती और महादशा वालों के लिए उपाय
पंडित जी ने बताया कि, जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और महादशा है वह भी शनि जंयती पर शनिदेव की सच्चे मन से पूजा-पाठ कर अपनी परेशानियों से मुक्त पा सकते हैं. साथ ही जंयती पर दान-पुण्य करने से भी लाभ मिलता है.

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