गरुड़ पुराण के अनुसार रात को शव को अकेले नहीं छोड़ना चाहिए, जानिए पांच मुख्य कारण

गरुड़ पुराण के अनुसार यह भी बताया गया है कि शव को रात को अकेले नहीं छोड़ना चाहिए इसके मुख्य पांच कारण भी हैं ।

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Garuda Purana

जब कोई व्यक्ति मर जाता है तो उसका सब रात को अकेला नहीं छूना चाहिए वही हिंदू धर्म में या भी मान्यता है कि सबका दाह संस्कार भी रखो नहीं करना चाहिए इसके पीछे की वजह भी है इसके पीछे की वजह है यह है कि रात को दाह संस्कार करने से प्राणी को नर्क का दुख भोगना पड़ता है क्योंकि रात को नर्क के दरवाजे खुल जाते हैं और स्वर्ग के बंद हो जाते हैं वही आपको बता दें गरुड़ पुराण के अनुसार यह भी बताया गया है कि शव को रात को अकेले नहीं छोड़ना चाहिए इसके मुख्य पांच कारण भी हैं ।

रात को नहीं छोड़ना चाहिए शव

हिंदू धर्म में मान्यता है कि रात को शव को अकेले नहीं छोड़ना चाहिए। गरुड़ पुराण में इसके नुकसान भी बताए गए हैं अगर रात को अकेले शव को छोड़ दिया जाएगा तो घर में भी काफी दिक्कतें आएंगी । हिंदू धर्म में शव को कभी रात को अकेले नहीं छोड़ा जाता है। इसके पीछे की वजह भी गरुड़ पुराण में दी गई है।

रात को न शव छोड़ने के पांच मुख्य कारण

गरुड़ पुराण के अनुसार इसलिए सबको नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि मृत्यु के बाद आत्मा घर में तेरा दिन तक रहती है ऐसे में जब तक दाह संस्कार ना हो जाए शव को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। रात में तांत्रिक क्रियाओं का प्रभाव तेज हो जाता है ऐसे में सब को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए तांत्रिक लोग इसका साधना में उपयोग कर सकते हैं जिससे आत्मा को काफी नुकसान हो सकता है। ज्यादा देर तक सब को रोकने में घर में बैठती है पहले लगती है जिसके चलते सब के चारों ओर अगरबत्ती चलाना बहुत जरूरी है होता है उसके लिए एक व्यक्ति का पास में होना बहुत जरूरी है।
रातों में सब को अकेला छोड़ दिया जाए तो उसके आसपास बुरी शक्तियां भटकने लगती हैं और जिसके चलते घर में बुरा प्रभाव पड़ सकता है। शव को अगर अकेला छोड़ देंगे तो उसके आसपास लाल चीटियां गाने के लिए आ सकते हैं उसकी सुरक्षा के लिए भी कोई होना चाहिए।

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