महाराष्ट्र गठबंधन सरकार में खींचतान शुरू, कांग्रेस पार्टी ने सीएम उद्धव से मांगा टाइम, इन विषयों पर होगी चर्चा

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देश में कोरोना संकट का दौर चल रहा है, लेकिन इन दिनों राजनीति भी अपने चरम पर पहुंच गई है. कुछ ही दिनों में 19 जून को राज्यसभा के चुनाव होने जा रहे हैं, जिसको लेकर राजनीतिक पार्टियों में भी उथल-पुथल शुरू हो गई है. हालांकि इस बीच महाराष्ट्र की शिवसेना सरकार में तकरार काफी ज्यादा बढ़ती नजर आ रही है. दरअसल शिवसेना नीत महाराष्ट्र विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में तनाव के संकेत दिख रहे हैं जहां गठबंधन सरकार को लेकर खींचतान जारी है. बताया जा रहा है कि तीन सहयोगियों में से एक कांग्रेस, प्रमुख निर्णय लेने की प्रक्रिया और महत्त्वपूर्ण बैठकों में खुद को शामिल कराने का प्रयास कर रही है. राज्यसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में उथल-पुथल किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है. चूंकि हाल ही में कांग्रेस के 2 विधायकों ने इस्तीफा देकर पार्टी को एक बड़ा झटका दिया था, बता दें कि चुनाव से पहले कांग्रेस के कुल 8 विधायक स्पीकर को अपना इस्तीफा यह कहकर सौंप चुके हैं कि पार्टी में उनका कोई सम्मान नहीं है. जिसके बाद से कांग्रेस पार्टी काफी सक्रिय हो गयी है. बीते दिनों कांग्रेस ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था, जिसके बाद से मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस की नजर बीजेपी के विधायकों पर बनी हुई थी. वहीं बीजेपी की भी नजर कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों पर टिकी हुई है.

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पार्टी के एक सूत्र ने शनिवार को बताया कि प्रदेश कांग्रेस के नेता राज्यसभा चुनाव और कुछ अन्य विषयों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अगले हफ्ते मुलाकात कर सकते हैं. कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक मुख्यमंत्री राकांपा के अध्यक्ष, शरद पवार से कोविड-19 वैश्विक महामारी और चक्रवात ‘निसर्ग’ से प्रभावित लोगों को राहत देने समेत अन्य कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं.

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इससे पहले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने इस हफ्ते की शुरुआत में मुलाकात कर यह चर्चा की थी कि पार्टी नेताओं एवं मंत्रियों को गठबंधन सरकार में निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी मिलिंद नारवेकर भी कांग्रेस नेतृत्व के विचारों को जानने के लिए इस बैठक में मुख्यमंत्री के दूत के रूप में उपस्थित थे. हालांकि अभी तक उद्धव ठाकरे की तरफ से बैठक में विस्तार से बातचीत नहीं हो पाई है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण राज्यपाल कोटा से विधान परिषद नामांकनों, राज्य सरकार द्वारा संचालित निगमों एवं बोर्ड में नियुक्ति और कांग्रेस मंत्रियों को आ रही समस्याओं से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करने के लिए ठाकरे से सोमवार को मुलाकात करेंगे.

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उन्होंने बताया कि इससे ऐसी भावना पैदा हो रही है कि प्रदेश कांग्रेस को अलग-थलग कर दिया गया है. कांग्रेस के एक मंत्री ने कहा, “कुछ मुद्दों को लेकर पार्टी के अंदर नाराजगी है, जिसपर हम मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करना चाहते हैं और उन्हें सुलझाना चाहते हैं.” पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा कि जब पिछले साल नवंबर में तीन दलों की सरकार बनी थी और मंत्रिपरिषद ने शपथ ली थी, उस वक्त यह फैसला हुआ था कि सत्ता एवं जिम्मेदारियों में बराबर साझेदारी होगी. लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है राज्यसभा चुनाव से पहले तीनों दलों में आपसी खींचतान जारी है. शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस तीनों गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं.

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