बीजेपी की सेंधमारी से बचने के लिए कांग्रेस ने विधायकों को किया जैसलमेर रवाना, होटल में पड़ा छापा!

439

राजस्थान सरकार में जारी पिछले 22 दिनों से सियासी नाटक अब खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है. दरअसल जिस स्वाभिमान की लड़ाई कांग्रेस लड़ रही थी, वह घड़ी अब नजदीक आ गई है. बता दें कि कांग्रेस से बागी होने के बाद सचिन पायलट ने गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा था. लेकिन राजस्थान की इस सियासी लड़ाई में दोनों खेमों ने बराबर टक्कर दी. जब बात नहीं बनी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया जहां से पायलट खेमे को बड़ी राहत पहुंची. दरअसल गहलोत खेमा जो लगातार पायलट और उनके समर्थकों को बागी-बागी कह रहा था. उसपर स्पीकर के नोटिस को राजस्थान कोर्ट ने अमान्य ठहरा दिया. कोर्ट ने कहा कि पायलट और उनके समर्थकों को अयोग्य नहीं ठहरा जा सकता है. जिसके बाद से गहलोत सरकार राज्यपाल से सत्र बुलाने का आग्रह करती रही, लेकिन तीन बार प्रयास करने के बाद आखिरकार अंत में राज्यपाल कपिल मिश्र ने 14 अगस्त को सत्र बुलाने की अनुमति दे ही दी।

ये भी पढ़ें:-राजस्थान संकट: सचिन पायलट को लेकर उमर अब्दुल्ला ने किया ट्वीट, कहा- वे ऐसे झूठे और घटिया..

वहीं इस बीच कांग्रेस सरकार के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह खड़ी हो गई है कि, राज्यपाल ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर अनुमति तो दे दी है. लेकिन गहलोत सरकार को इस बात का भी डर है कि विधानसभा सत्र से पहले कहीं बीजेपी कांग्रेस विधायकों की सेंधमारी न कर ले, इसलिए सावधानी बरतते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे के सभी विधायक पहले ही जयपुर के फेयरमॉन्ट होटल से निकलकर प्लेन से जैसलमेर के लिए रवाना हो गए हैं. हालांकि जैसलमेर में इनका ठिकाना क्या होगा?, यह किसी को मालूम नहीं है, लेकिन इतना तय है कि वे यहां विधानसभा सत्र शुरू होने तक रह सकते हैं।

बताया जा रहा है कि पहली फ्लाइट से 53 विधायक जैसलमेर रवाना हो चुके हैं, यह सभी विधायक 19 दिन से जयपुर के फेयरमॉन्ट होटल ठहरे थे। वहीं विधायकों की हड़बड़ी को देखते हुए भाजपा ने राजस्थान कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है, राजस्थान भाजपा प्रमुख सतीश पूनिया ने ट्वीट कर कहा कि अगर कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है तो विधायकों को कैद क्यों किया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो खरीद-फरोख्त से बचने के लिए विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट किया जा रहा है. जयपुर में विधायकों का अपने परिवार के सदस्यों से मिलना-जुलना जारी है. ऐसे में आशंका है कि इन्हें हॉस ट्रेडिंग का जरिया बनाया जा सकता है।

वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कई सवाल दागे हैं. उन्होंने ट्वीट कर बड़ी बात कही है।

उधर, होटल के मालिक भी लगातार ईडी के निशाने पर हैं, पहले भी यहां ईडी की कार्रवाई हो चुकी है. विधायकों ने भी होटल बदलने की मांग की है।