कांग्रेस को महंगी पड़ सकती है खामोशी! अब कंगना के तर्ज पर प्रियंका के घर को भी ढहाने की मांग 

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कभी-कभी किसी तय मसले पर किसी खास तबके के नुमाइंदों की खामोशी लोगों को रास नहीं आती है। अभी ऐसा ही कुछ देश की सबसे पुरानी पार्टी के सबसे विख्यात कुनबे के सर्वविख्यात नेता के साथ ऐसा हो रहा है। याद दिला दें कि मौजूदा समय में अभिनेत्री कंगना रनौत और शिवसेना के बीच जमकर जुबानी जंग देखने को मिल रही है। मगर इस बीच देश की सबसे पुरानी कांग्रेस ने इस पूरे मामले से अपनी दूरी बनाते हुए चुप्पी साध रखी है, जो कि आज के जमाने की सबसे बड़ी ताकत सोशल मीडिया पर मौजूदा लोगों को रास नहीं आ रहा है। ये भी पढ़े :कंगना रनौत के सपोर्ट में उतरा पूरा मीडिया जगत, पत्रकार रुबिका के इस एक ट्वीट से हिली उद्धव सरकार

यहां पर हम आपको बताते चले कि कांग्रेस की खामोशी से लोग अब इस कदर खफा हो चुके हैं कि कंगना रनौत के मुंबई स्थित दफ्तर पर बुल्डोजर चलने के बाद अब हिमाचल प्रदेश स्थित प्रियंका गांधी वाड्रा के घर को भी ढ़हाने की मांग की जा रही है। ट्विटर पर लोग कर रहे हैं हिमचाल प्रदेश में स्थित प्रिय्ंका का घर भी अवैध है, लिहाजा इसे भी तोड़ दिया जाए। इस पोस्ट को हिमचाल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को टैग किया गया है। इस बीच ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा  कि शिमला में प्रियंका गांधी ने एक शानदार घर बनाया है। लेकिन मुझे नहीं मालूम उन्हें यहां जमीन कैसे मिली है। एक महिला यूजर ने लिखा, हिमाचल सरकार को भी शिमला में प्रियंका गांधी के घर को तोड़ देना चाहिए।

ताक पर रख दिए गए सारे कायदे-कानून 
यहां पर हम आपको बताते चले कि हिमा्चल प्रदेश में स्थित कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा का घर 2008 में बनना शुरू हुआ था। केहर सिंह खाची के नाम पर जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी है। इतना ही नहीं, बात 2011 की है, जब मकान दो मंजिला बनने के बाद पसंद नहीं आया तो उसे तोड़ दिया गया। प्रियंका को मकान बनाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लैंड रिफॉर्म्स एक्ट के सेक्शन 118 में नियमों में ढील दी थी। इस कानून के तहत हिमचाल प्रदेश के बाहर निवास करने वाले लोगों को मकान खरीदने की इजाजत नहीं है। लिहाजा अब इसको आधार मानते हुए लोग प्रियंका के इस घर को सोशल मीडिया पर अवैध बता रहे हैं। ये भी पढ़े :कंगना रनौत के हक में आया बॉम्बे HC का फैसला, दफ्तर पर अब नहीं चलेगा BMC का हथौड़ा