OP rajbhar

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को राजनीतिक सियासत तेज हो गई है। राजनीतिक दल जातिगत समीकरणों को साधने में लग गये हैं। भारतीय जनता पार्टी में मौजूदा सहयोगी को समझाने और साथ छोड़कर चले जाने वाले पुराने सहयोगियों का धर वापसी करा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद से मुलाकात की है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर के लिए गठबंधन में वापसी के दरवाजे खोल दिए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने ओमप्रकाश राजभर के साथ एक बार फिर गठबंधन में वापसी की कवायद शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों के माध्यम से ओमप्रकाश राजभर से संपर्क किया जा रहा है।

ओमप्रकाश राजभर के साथ उनके दो दौर की बातचीत भी हो गई है। इस दौरान रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट को लागू करने के साथ-साथ उन्हें योगी कैबिनेट में दोबारा से शामिल होने का भरोसा दिलाया गया है। ज्ञात हो कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी अपने समीकरण और गठबंधन को ठीक करने में लगी है। ओमप्रकाश राजभर ने साफ कह दिया है कि बीजेपी सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू कर दे तो पार्टी उनके साथ खड़ी हो जाएगी। ज्ञात हो कि 2019 के लोकसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया था

पूर्वांचल में निर्णायक है राजभर फैक्टर
पूर्वांचल के कई जिलों में राजभर जाति का वोट राजनीति समीकरण बनाने और बिगाड़ने की ताकत रखता है। प्रदेश में राजभर समुदाय की आबादी करीब 3 फीसदी है लेकिन पूर्वांचल के जिलों में राजभर मतदाताओं की संख्या 12 से 22 फीसदी है।

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