Nagaland

नागालैंड में बिना विपक्ष के ही सरकार चलेगी, जोकि देश का इकलौता राज्य होगा। नागालैंड की सभी पार्टियों ने एक साथ मिलकर सरकार चलाने का निर्णय लिया है। नागालैंड विधान सभा में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राजनीतिक दलों ने कोहिमा में एक सर्वदलीय सरकार के गठन को अंतिम रूप देकर सत्ता पक्ष और सभी विपक्षी दलों ने हाथ मिला लिया है। सदन ने संकल्प किया कि नई सरकार को संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन कहा जाएगा। आपको बता दें कि इसमें बीजेपी भी शामिल है।

असल में, नागालैंड के सीएम नेफियू रियो की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में विपक्ष रहित सरकार अपनाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया गया। सीएम नेफियू रियो ने इस निर्णय के बाद ट्वीट कर कहा कि नागालैंड में विपक्ष रहित सरकार के लिए संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीए) का नामकरण हुआ है। एनडीपीपी, बीजेपी, एनपीएफ और निर्दलीय विधायकों के पार्टी नेताओं और विधायकों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है।

प्रवक्ता नीबा क्रोनू ने कहा कि विधायक अगले कुछ दिनों में यूडीए के गठन के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे। पहले यह घोषणा की गई थी कि नई सरकार को नागालैंड संयुक्त सरकार कहा जाएगा, लेकिन क्रोनू ने कहा कि इस मीटिंग के दौरान यह तय किया गया था कि नई सरकार का नाम यूडीए ही ज्यादा सही होगा।

19 जुलाई को मुख्य विपक्षी दल नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने बिना किसी पूर्व शर्त के एक सर्वदलीय सरकार बनाने के लिए एक प्रस्ताव पास कर दिया, जिसमें सीएम से इस पर विचार करने का अनुरोध किया था जिससे संयुक्त रूप से नागा मुद्दे के शीघ्र राजनीतिक समाधान पर जोर दिया जा सके। शुरू में सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने इस कदम की काफी तारीफ की, लेकिन बीजेपी के नेता इस पर अधिक खुश दिखाई नहीं दिए। हालांकि, सीएम रियो ने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को आश्वस्त कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी सरकार में एनडीपीपी की एक प्रमुख सहयोगी है।

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