मायावती ने कांग्रेस की दुखती नस पर रखा हाथ, इस बयान के बाद दोनों दलों में छिड़ गया सियासी बवाल

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देश में भारत-चीन के बीच चल रहे लद्दाख सीमा विवाद को लेकर अब राजनीतिक दलों में भी खींचतान शुरू हो गई है. दरअसल इन दिनों राजनेताओं में इस बात की होड़ लगी है कि कौन किसके साथ खड़ा है?. अमूमन राष्ट्रहित से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है, देश सर्वोप्रिय है. लेकिन इस बात को समझाए कौन?. न तो ये नेता लोग समझ पा रहे हैं, और न ही इनके दल. तो ऐसे में सवाल यह है कि अगर देश पर किसी तरह की मुसीबत आन पड़ी है तो इस समय तो घिनौनी राजनीति छोड़कर विपक्ष को एक हो जाना चाहिए, लेकिन नहीं? हर बात पर नुक्स, हर बात पर सियासत जरूरी है. चूंकि इनकी दाल कैसे गलेगी?, जब राजनीति का तड़का नहीं लगेगा. हालांकि कांग्रेस जैसे दल तो बढ़-चढ़कर यह सिद्ध करने में लगे हुए हैं कि वे भारत को छोड़कर किसी के भी प्रति वफादार हो सकते हैं. इस बीच बहुजन समाजवादी पार्टी की सुप्रीम लीडर बहन मायावती ने लद्दाख विवाद पर बीजेपी के साथ खड़ी होकर कांग्रेस की दुखती नस पर हाथ रख दिया है. जिसके बाद से दोनों दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर सियासी संग्राम में बदल गया.

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हालांकि मायावती के इस फैसले से हैरानी की कोई बात नहीं है, चूंकि कई बार उन्होंने सिद्ध किया है कि वैचारिक रूप से वे भले भाजपा से भिन्न हो, लेकिन राष्ट्र के मुद्दों पर बसपा कोई समझौता नहीं करेगी. इससे पहले भी राष्ट्र के मुद्दों पर मायावती बीजेपी का समर्थन करती आईं हैं, जब कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किया गया था, तो मायावती ने केंद्र के इस फैसले पर खुशी जाहिर की थी, हालांकि कुछ राजनीतिक दलों को उनकी खुशी पची नहीं थी. जिनमें कांग्रेस वामपंथी विचारधाराओं में सबसे पहले है.

दरअसल लद्दाख विवाद पर बीजेपी के साथ खड़ीं मायावती को लेकर यूपी कांग्रेस ने ट्वीट किया, “जब देश के साथ खड़े होना है तो मायावती जी भाजपा के साथ खड़ी हैं। भाजपा तो खुद कहीं नहीं खड़ी है। बिल में दुबकी बैठी हैं” –

बस, फिर क्या था, भाजपा के बहाने कांग्रेस के चाटुकारों ने जातिवाद का विष फैलाना भी शुरू कर दिया. कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े श्रीनिवास बी वी ने किसी बैकरूम डील की ओर इशारा करते हुए तंज कसा, “सब सीबीआई, ईडी और आईटी डिपार्टमेन्ट की कृपा है” –

मालूम हो कि इससे पहले मायावती ने देश में चल रही घिनौनी राजनीति को लेकर एक ट्वीट में कहा था कि इस समय विपक्षी पार्टियों को ओछि राजनीति छोड़कर देश के साथ खड़ा होना पड़ेगा, चूंकि इन दिनों एक और कोरोना महामारी से  हमें लड़ना है. दूसरी और चीन को भी सबक सिखाना है. लेकिन कांग्रेस ने ये विवादित बयान देकर आग में और घी डालने का काम कर दिया है. जिस पर अब सियासत अब हाई लेवल पर पहुंच गई है.

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