भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनी द्रौपदी मुर्मू, क्रॉस वोटिंग की हुई बड़ी भूमिका

गुरुवार को विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को द्रौपदी मुर्मू ने एकतरफा मुकाबले में हराने के साथ ही भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति निर्वाचित होकर इतिहास रचा हैं.

0
262
Draupadi Murmu

Presidential Eletion Result 2022: गुरुवार को विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को द्रौपदी मुर्मू ने एकतरफा मुकाबले में हराने के साथ ही भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति निर्वाचित होकर इतिहास रचा हैं. देश के 15वें राष्ट्रपति बनने के लिए द्रौपदी मूर्मु ने निर्वाचक मंडल सहित सांसदों और विधायकों के मतपत्रों की मतगणना में 64 प्रतिशत से अधिक मान्य मत प्राप्त करने के बाद सिन्हा के खिलाफ बहुत ही बड़े अंतर से जीत हासिल की हैं. ये मतगणना दस घंटे से अधिक समय तक चली, जिसकी समाप्ति के बाद, निर्वाचन अधिकारी पी. सी. मोदी ने मुर्मू को विजेता घोषित कर दिया गया और कहा कि उन्हें सिन्हा के 3,80,177 मतों के मुकाबले 6,76,803 मत मिले.

1-राज्यों के बहुत से विधायकों ने अपने दलों के रुख के विपरीत जाकर राष्ट्रपति पद के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया और उनको विपक्षी खेमे के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा को हराने में मदद की.

2- बीजेपी के सूत्रों ने इस बात का दावा किया है कि 125 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की. मतगणना में ये बात भी सामने आई है कि मुर्मू को 17 सांसदों की क्रॉस वोटिंग का लाभ मिला. असम, झारखंड और मध्यप्रदेश के विपक्षी दलों के विधायकों की अच्छी खासी संख्या ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया.

3-ऐसा माना जाता है कि असम के 22 और एमपी के 20 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है. बिहार और छत्तीसगढ़ के छह-छह, गोवा के चार और गुजरात के 10 विधायकों ने भी क्रॉस वोटिंग की गई होगी. केरल के एक विधायक को छोड़कर सारे विधायकों ने सिन्हा को वोट दिया जबकि मुर्मू को आंध्र प्रदेश के मत मिले.

4- स्वतंत्रता के बाद पैदा होने वाली वो पहली राष्ट्रपति हुई है और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति भी होंगी. वो राष्ट्रपति बनने वाली दूसरी महिला भी हैं. 25 जुलाई को वो पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी. शपथ लेने के साथ ही वो आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनेंगी.

5-मतगणना के तीसरे दौर के बाद ही उनकी जीत पर मुहर लग गई थी, जब निर्वाचन अधिकारी ने घोषणा की कि मुर्मू को कुल मान्य मतों के 53 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हो चुके है, जबकि 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मतपत्रों की गिनती चल रही थी.

6-राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा मुर्मू की जीत पर उनको इसके लिए बधाई दी. उन्होंने बताया कि हर भारतीय ये आशा करता है कि 15वें राष्ट्रपति के रूप में वो बिना किसी डर या पक्षपात के ‘‘संविधान के संरक्षक’’ के तौर पर कार्य करेंगी.

7- एक बयान में सिन्हा ने विपक्षी दलों के नेताओं को इस चुनाव में उनको अपने उम्मीदवार के रूप में चुनने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने बोला कि, ‘‘मैं निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) के सभी सदस्यों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे वोट दिया. मैंने विपक्षी दलों के प्रस्ताव को पूरी तरह से भगवद गीता में भगवान कृष्ण द्वारा दिये गये कर्म योग के उस उपदेश के आधार पर स्वीकार किया कि ‘फल की उम्मीद के बिना अपना कर्तव्य करते रहो.’

8-उन्होंने बताया कि, ‘‘मैंने अपने देश के प्रति अपने प्रेम के कारण अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाया है। मैंने अपने अभियान के दौरान जो मुद्दे उठाए थे, वे प्रासंगिक हैं.’’ एक बयान में सिन्हा ने देश की स्थिति पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत ने कभी भी ‘‘इतने बड़े स्तर पर राजनीतिक भ्रष्टाचार’’ नहीं देखा है, और यह ‘‘ध्रुवीकरण की जहरीली राजनीति’’ के साथ मिलकर लोकतंत्र और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए एक गंभीर खतरा भी है.

9-उन्होंने यह भी बोला है कि अपने चुनाव अभियान के दौरान, उन्होंने देश और आम लोगों के सामने प्रमुख मुद्दों पर विपक्षी दलों के विचारों, चिंताओं और प्रतिबद्धताओं को सामने रखने का प्रयास किया. सिन्हा ने इस दौरान कहा कि, ‘‘मैंने विपक्षी दलों और उनके नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग और यहां तक कि राज्यपाल के कार्यालयों को खुलेआम और बड़े पैमाने पर हथियार बनाने पर कड़ी चिंता व्यक्त की है.’’

10-मुर्मू को बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा उनके आवास पर पहुंचे. मोदी ने इस दौरान कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में पूर्वी भारत के सुदूर हिस्से से संबंध रखने वाली एक आदिवासी समुदाय में जन्मी नेता को राष्ट्रपति निर्वाचित कर भारत ने इतिहास रचा है. मुर्मू की जीत के ऐलान के बाद एक के बाद एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने बोला है कि विधायक, मंत्री और झारखंड के राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल बहुत उत्कृष्ट रहा.

इसे भी पढ़ें-Urfi Javed ने कास्टिंग काउच पर बयां किया अपना दर्द, कहा-‘मेरे साथ भी हुआ ऐसा’