राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस में घमासान! गुलाम नबी आज़ाद इस्तीफा देने को तैयार, कहा- बीजेपी से..

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आजादी के 70 साल बाद भी कांग्रेस पार्टी का इतिहास अपने आप में ही खास रहा है, सियासी तेवर इस पार्टी की पहचान रही है। और यही तेवर इसके लिए कभी-कभी हानिकारक भी साबित हुए हैं। दरअसल कांग्रेस पार्टी में इन दिनों नए नेतृत्व को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। पार्टी नेता सोनिया गांधी को नहीं बल्कि अब किसी और नेता को नए अध्यक्ष के रूप में चुनना चाहते हैं। इसके लिए आज सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक हो रही है। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से लिखी गई एक चिट्ठी को लेकर राहुल गांधी ने एक बयान दिया है, जिसके बाद पार्टी नेताओं की एकता में फूट पड़ती दिखाई पड़ रही है। दरअसल राहुल गांधी ने इस चिट्ठी के इरादों के पीछे संदेह जताते हुए कहा कि यह चिट्ठी बीजेपी के साथ सांठगांठ में लिखी गई है। सूत्रों के मुताबिक, गुलाम नबी आज़ाद ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘अगर बीजेपी से सांठगांठ की बात साबित हो जाती है तो वो पार्टी से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

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दरअसल, इस बैठक में राहुल गांधी ने सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र की टाइमिंग को लेकर गुस्सा जताया था. राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह लेटर गलत टाइमिंग पर दिया गया। जब कांग्रेस मध्य प्रदेश और राजस्थान के सियासी संकट का सामना कर रही थी, जब अध्यक्ष बीमार थी, तब ही चिट्ठी क्यों भेजी गई। क्या यह सब बीजेपी की सांठगांठ के जरिए किया गया?, इस बात को लेकर गुलाम नबी आजाद और पार्टी के अन्य नेता भड़क गए। उन्होंने यह तक कह दिया कि अगर यह बात सच साबित हो जाती है तो वह पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।

इससे पहले कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी राहुल गांधी के इस बयान को लेकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने सीधे ट्विटर पर अपना गुस्सा निकाला था. फिर बाद में उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया था। बता दें कि सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा, ‘ राहुल गांधी कहते हैं कि हमारी बीजेपी के साथ सांठ-गांठ है, लेकिन मैंने ही राजस्थान हाईकोर्ट में पार्टी को सफलता दिलाई थी। तब यह सांठगांठ कहां थी।

मालूम हो कि सोनिया गांधी दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा रहा है।