तेरे आने से BJP खुश -जाने से सपा खुश, ऐसी है अपर्णा के टिकट की सियासत

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  • अपर्णा यादव को टिकट नहीं देना चाहती है भारतीय जनता पार्टी
  • अपर्णा यादव को टिकट देने से सपा को मिलेगा सियासी लाभ

लखनऊ। मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। पार्टी ने उन्हें शामिल तो करा लिया है लेकिन टिकट नहीं देना चाहती है। बीजेपी की इच्छा है कि वो संगठन में काम करें और चुनाव के बाद उन्हें विधान परिषद भेज सकती है। अपर्णा यादव ने बीजेपी में शामिल होते ही परिवार के खिलाफ तो कुछ नहीं बोला नहीं पार्टी पर निशाना साधा। अपर्णा यादव ने कहा कि सपा के शासन में गुंडागर्दी को इतना तवज्जो दिया जाता है कि बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थी। शाम होते ही बदमाशों के डर से घरों के दरवाजे बंद हो जाते थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह परिवार में भी असफल रहे हैं। इसी वजह से वह विधानसभा चुनाव लड़ने से भी बच रहे हैं।

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टिकट देने से कतरा रही है बीजेपी

अपर्णा को विधानसभा का टिकट देने से बीजेपी कतरा रही है क्योंकि अगर वो टिकट देती है तो अखिलेश यादव अपने उपर लगे परिवारवाद के आरोपों से बच जाएंगे। संदेश ये जाएगा कि 2017 में अखिलेश ने अपर्णा यादव को टिकट दिया था लेकिन इस बार नहीं दिया। सपा से टिकट नहीं मिलने पर अपर्णा बीजेपी से टिकट लेने पहुंच गई। जनता के बीच ये संदेश पहुंचाने में सफल हो जाएंगे कि वो इस बार नई सपा है। समाजवादी पार्टी में परिवार की जगह कार्यकर्ता को तरजीह दी जाती है।

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सपा कभी नहीं जीत पायी लखनऊ कैंट सीट

लखनऊ कैंट सीट पर बीजेपी का 1993 से दबदबा रहा है। 2012 में कांग्रेस के टिकट पर रीता बहुगुणा जोशी ने जीत दर्ज की थी। 2017 में कमल के निशान पर जीती और सामाजवादी पार्टी की उम्मीदवार अपर्णा यादव को तकरीबन 35 हजार वोटों से हराया था। इस बार अपर्णा यादव लखनऊ कैंट सीट से उतरना चाहती हैं।

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ऐसी है अपर्णा की विरासत

अपर्णा यादव मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली अपर्णा कई बार योगी आदित्यनाथ के साथ भी नजर आई हैं। अपर्णा मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। अपर्णा 1 जनवरी 1990 को पैदा हुईं थीं। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट एक पत्रकार रहे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार में उन्हें सूचना आयुक्त बनाया गया था। उनकी मां अंबी बिष्ट लखनऊ नगर निगम में अधिकारी हैं। अपर्णा और प्रतीक की मुलाकात स्कूल के दिनों की है। अपर्णा की स्कूली शिक्षा लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई है।

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