योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब खनन में नहीं चलेगी घपलेबाजी

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार को बैठक में अहम निर्णय लिए है। यहां सीएम  योगी ने खनन को लेकर बड़े फैसले लिए है। खनन मामले में यूपी की योगी सरकार ने पूर्व की सरकार में तय कि गई बाध्यताओं में संशोधन किया है। मंत्रिमंडल ने नदी तलीय खनन क्षेत्र के पट्टा धारको अब जिले में भंडारण की अनुमित पर पाबंदी लगा दी है। पहली की सरकार ने भंडारण पट्टा धारको को स्वीकृत  खनन क्षेत्र में भंडारण की अनुमति दी थी।

योगी सरकार ने इसके अलावा खनिज स्रोत से दस किमी दायर में फैसले भंडारण पर प्रतिबंध में बदलाव करते हुए अब इसे पांच किमी कर दिया गया है। यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि नदी तलीय उप खनिज का भंडारण की स्वीकृति पांच किमी की परिधि में नहीं की जा सकेगी।

इस बैठक में यूपी की सरकार कई बड़े फैसले लिए है। सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट में मेगा, मेगा प्लस व सुपर मेगा श्रेणी के एमओयू साइन करने वाले काष्ठ आधारित उद्योगों के लिए लाइसेंस देने की नीति तय कर दी गई है। मंत्रिमंडल ने इस संबंध में राज्य स्तरीय समिति के फैसले केमद्देनजर फैसला किया है।

मिड डे मील रसोइयों और हेल्पर का मानदेय 1500 करने का फैसला लिया है। अभी रसोइयों को 10 माह केलिए 1000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। जिसमें भारत सरकार 600 रुपये और राज्य सरकार 400 रुपये देती है। 26 दिसंबर 2009 से निर्धारित इस मानदेय में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद 10 माह तक रसोइयों को 500 रुपये बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

निराला की जन्मस्थली में स्मृति भवन निर्माण की अनुमति दे गई है।कार्यदायी संस्थान उप्र आवास विकास परिषद ने 17.03 करोड़ रुपये इसके निर्माण कार्य का बजट आंकलना किया था। जिसे परीक्षण प्रायोजना रचना मूल्यांकन प्रभाग ने  14.64 करोड़ रुपये मूल्यांकित है।

गोरखपुर एयरपोर्ट फोर लेने में आने वाले मकानों को मुआवजा दे दिया गया है। प्रदेश कैबिनेट ने शुक्रवार को इसकी अनुमति दे दी। गोरखपुर सर्किट हाउस से एयरपोर्ट तक 8.710 किलोमीटर लंबा फोर लेन मार्ग स्वीकृत है। इसी मार्ग पर छठे किलोमीटर पर पांच आवासीय भवन है। मार्ग चौड़ा करने के लिए इनका तोड़ा जाना जरूरी है।

मनोरंजन कर विभाग के निरीक्षक अब वाणिज्य कर विभाग के कर्मी

प्रदेश मनोरंजन कर विभाग के निरीक्षकों को उत्तर प्रदेश माल एवं सेवाकर के प्रावधानों के तहत वाणिज्य कर विभाग में शामिल कर लिया गया है। मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि इन निरीक्षकों को वाणिज्य कर विभाग में मृत संवर्ग के रूप में निरीक्षक संवर्ग का गठन करते हुए संविलय कर दिया जाए।

मुख्य निर्वाचन कार्यालय निजी सचिव सेवा नियमावली को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने उप्र मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के लिए निजी सचिव (श्रेणी-एक) और निजी सचिव (श्रेणी-दो) के पद के लिए सेवा नियमावली 2019 को मंजूरी दे दी। उप्र मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी/अनुभाग अधिकारी व समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी/अपर निजी सचिव सेवा नियमावली पहले से लागू है।

फोरलेन चौड़ीकरण में प्रभावित भवनों के लिए मुआवजा दिया। गोरखपुर में जंगल कौड़िया से मोहद्दीपुर चौक के फोर लेन मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकर कार्य में प्रभावित भवनों को मुआवजा देने को मामले को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। 17.515 किलोमीटर लंबे इस मार्ग, पुल व ओवरब्रिज निर्माण केलिए भारत सरकार ने 323.36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

सरकारी डॉक्टरों को केंद्र के समान प्रैक्टिस बंदी भत्ता भत्ते की पुनीक्षित दर जनवरी 2019 से लागू की जाएगी। डॉक्टर लंबे समय से सातवें वेतनमान के अनुसार नॉन प्रैक्टिस एलाउंस (एनपीए) देने की मांग कर रहे थे।

सरकारी डॉक्टरों को केंद्र के समान प्रैक्टिस बंदी भत्ता मंजूरी दे दी गई है सरकारी एलोपैथिक डॉक्टरों और डेंटिस्ट को प्रैक्टिस बंदी भत्ता केंद्र के समान मिलेगा। शुक्रवार देर रात हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। भत्ते की पुनीक्षित दर जनवरी 2019 से लागू की जाएगी।

संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षक भी मानेदय पर पढ़ा सकेंगे। प्रदेश कैबिनेट ने शुक्रवार को इसकी अनुमति दे दी। उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद (संस्थाओं के प्रधानों, अध्यापकों व संस्थाओं के अन्य कर्मचारी की नियुक्ति तथा सेवा शर्ते) (द्वितीय संसोधन) विनियमावली-2018 के अनुसार संस्कृत अध्यापकों का चयन उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से कराए जाने का प्रावधान है।

केंद्र सरकार के बाद अब प्रदेश सरकार ने भी आशा कार्यकत्रियों की प्रतिपूर्ति में बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है। शुक्रवार देर रात हुई मंत्रि परिषद की बैठक में राज्य सरकार द्वारा मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन और बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने पर मिलेगा 750 रुपये अधिक देने का निर्णय लिया गया।

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के संशोधन का प्रस्ताव मंजूर दे दी गई है। इस संहिता की धारा 77 में किए गए संशोधन से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना, डेडीकेट फ्रंट कारिडोर परियोजना, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए आरक्षित श्रेणी की जमीनों के पुनर्ग्रहण और विनिमय में आसानी होगी।

बलिया में श्रीराम घाट सेतु की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी दे दी गई है। यह सेतु परियोजना वर्ष 2014 में मंजूर की गई थी। तब से इसकी लागत बढ़ गई है। परियोजना की पुनरीक्षित लागत 630.29 करोड़ रुपये जारी की गई, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। नियमानुसार जीएसटी इससे अलग होगा।

पुखरायां-घाटमपुर-बिंदकी राज्य राजमार्ग के लिए आरएफपी को मंजूरी दी है। साल 2014 में उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपशा) ने इस सड़क को फोरलेन विद पेव्ड शोल्डर करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया था। परियोजना की लागत 1136.45 करोड़ रुपये है।

उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना के सेकेंड फेज को मंजूरी दी गई है। 2835 करोड़ रुपये की यह परियोजना अक्टूबर 2020 तक पूरी की जाएगी। इससे 1.62 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षेत्र में वृद्धि होगी। करीब 7.17 लाख किसान लाभान्वित होंगे।

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम-1958 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, फैजाबाद का नाम अब आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या होगा। इसके साथ ही ‘अध्यापक’ की परिभाषा में परिवर्तन करने और कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए तीन नामों का पैनल नामित करने के लिए मौजूदा समिति में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में सातवां वेतनमान लागू कर दिया गया है। कानपुर, फैजाबाद, मेरठ और बांदा के राज्य कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व समकक्षीय संवर्ग के लिए सातवें वेतनमान की संस्तुतियां 1 जनवरी 2016 से लागू की जाएंगी। प्रदेश सरकार के इस फैसले से एक हजार से ज्यादा शिक्षक व कार्मिक लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा को प्रदेश में वर्ष 2019-20 में लागू किए जाने के फैसले को हरी झंडी दे दी गई। प्राकृतिक आपदाओं व रोके न जा सकने वाले अन्य जोखिमों जैसे रोग व कीट आदि से फसल नष्ट होने पर यह बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है।

राज्य सरकार ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय व अन्य सुविधाएं निर्धारित कर दी हैं। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार के मुताबिक इन्हें 1500 रुपये के स्थान पर अब 2500 रुपये प्रतिमाह का मानदेय मिलेगा। ग्राम प्रहरी को चार सेल की एक टार्च के लिए (रुपये 320 प्रतिमाह) व चार सेल के लिए 60 प्रतिमाह मिलेगा।

यूपी की योगी सरकार विकास के क्षेत्र में बहुत काम तबड़तोड़ फैसले ले रही है। बीजेपी का नारा सबका साथ सबका विकास के साथ चल रही है। और फैसले रही है।

 

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