Saturday, February 4, 2023

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने कर दी सबसे बड़ी चुनावी सर्जरी, 60 में से 16 का पत्ता साफ

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देश की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है। ऐसे में बीजेपी दौबारा केंद्र में आने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है और इसके लिए उसकी सबसे बड़ी उम्मीद उत्तर प्रदेश पर टिकी है। 2014 में नरेंद्र मोदी को सत्ता तक पहुंचाने में इस प्रदेश का अहम योगदान था और इस बार भी बीजेपी इतिहास को दौहराना चाहती है। शायद इसी वजह से पार्टी सांसदों को टिकट बांटने में सतर्कता बरत रही है। इसके लिए वह अपने कई सांसदों का टिकट काटने में लगी है।

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पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश के लिए अब तक घोषित किए गए उम्मीदवारों के नामों पर गौर करें तो यह साफ हो जाता है। अब तक दिए गए 60 टिकटों में 20 सांसदों के टिकट या तो काटे गए या बदल दिए गए यानि एक तिहाई बीजेपी के सांसदों पर पार्टी ने सर्जरी की है। अगर बीजेपी की लिस्ट देखें तो अब तक 16 सांसदों के टिकट कट चुके है। जबकि चार सांसदों की सीट बदल दी गई है। वही अभी 20 सीटों पर ऐलान होना बाकी है। हालांकि इन बचे सीटों में से कुछ सीटें सहयोगी दलों के लिए भी हो सकती हैं।

ऐसा नहीं है कि पार्टी टिकट काटने में कोई गुरेज कर रही हो। अब तक की घोषित लिस्ट पर नजर डाले तो कई बड़े नामों को अपनी लिस्ट में जगह नहीं दी है। जिसमें कानपुर से सांसद और बीजेपी के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी, देवरिया से सांसद कलराज मिश्रा के अलावा झांसी से सांसद उमा भारती शामिल हैं। इनके अलावा रामपुर से डॉक्टर नेपाल सिंह, संभल से सत्यपाल, हाथरस से राजेश दिवाकर, फतेहपुर से सीकरी बाबू लाल, शाहजहांपुर से कृष्णा राज, हरदोई से अंशुल वर्मा, मिश्रिख से अंजू बाला, इटावा से अशोक दोहरे, प्रयागराज से श्यामा चरण गुप्ता, बाराबंकी से प्रियंका रावत, बहराइच से सावित्री बाई फुले, कुशीनगर से राजेश पांडेय और बलिया से भरत सिंह हैं।

जहां बीजेपी ने 16 सांसदों के टिकट काटे वही उसने 4 सांसदों का लोकसभा क्षेत्र बदल दिया है। जिन 4 सांसदों को दूसरी जगह से चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है उनमें मेनका गांधी को पीलीभीत से सुल्तानपुर, राम शंकर कठेरिया को आगरा से इटावा, वरुण गांधी को सुल्तानपुर से पीलीभीत और वीरेंद्र सिंह मस्त को भदोही से बलिया भेजा गया है। जिस तरीके से पार्टी ने टिकट बंटवारे को लेकर सर्जरी की है, उससे साफ दिखता है कि बीजेपी ने सिर्फ जिताऊ उम्मीदवार उतारने की अपनी रणनीति बनाई है और इसी पर काम कर रही है।

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