HomeBreaking Newsये तस्वीर बहुत कुछ कहती है...इमरान-पुतिन की कानाफूसी और मोदी-जिनपिंग एक साथ

ये तस्वीर बहुत कुछ कहती है…इमरान-पुतिन की कानाफूसी और मोदी-जिनपिंग एक साथ

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राजनीति में कई बार ऐसी स्थिति आती है जिसे बयानबाजी साफ नहीं कर पाती। लेकिन तस्वीरें उस स्थिति को साफ- साफ शब्दों में बयां कर देती है। फिर वो स्थिति किसी देश की हो या फिर अतंरराष्ट्रीय स्तर की। एक ऐसी ही स्थिति इन दिनों बिश्केक में देखने को मिल रही है। जहां पर शंघाई सहयोग संगठन की 19वीं बैठक चल रही है। ये बैठक दो दिन की है। जहां पर एससीओ के तमाम देश के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद है। इस दौरान यहां पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी मौजूद है। तो वही इसी जगह पीएम मोदी की कूटनीतिक का असर भी देखने को मिला। जिसके चलते इमरान खान के कई जगह पर पीछे होना पड़ा। लेकिन इस सब स्थिति के बीच यहां पर तस्वीरों का सिलसिला भी जारी है। एक के बाद कई तस्वीरे ऐसी जा रही है। जो एससीओं समिट की स्थिति बता रही है।

पुतिन- इमरान की गपशप
इसमें पहली तस्वीर सभी राष्ट्राध्यक्षों की है। जो SCO समिट के दूसरे दिन ली गई है। इस तस्वीर को छींचते वक्त मंच का नजारा देखने वाला था। इसका कारण ये है कि राष्ट्राध्यक्षों का एक साथ एक मंच पर। लेकिन इस दौरान भी कई बाते थे। जो ध्यान देने वाली थी। जिसमें एक इमरान खान और व्लादिमीर पुतिन का गपशप करना। तो दूसरा पीएम मोदी का जिनपिंग के पास खड़े होना। इस फोटो सेशन के दौरान पीएम मोदी लाइन में सबसे पहले ही खड़े थे। तो वही शी जिनपिंग पीएम मोदी से सिर्फ एक व्यक्ति दूर ही खड़े थे। हालांकि इससे पहले पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुलाकात भी की। तो वही दूसरी तरफ इस मौके पर पाकिस्तान के पीएम इमरान खान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक दूसरे के साथ गपशप करते हुए नजर आए। हालांकि इस फोटो सेशन के दौरान पीएम मोदी और इमरान खान एक दूसरे से काफी दूर खड़े थे।

मोदी- पुतिन का गले मिलना….
इस फोटो सेशन से पहली ही पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस दौरान पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन ने एक दूसरे को गले लगाकर सम्मानित किया। जिससे माना जा सकता है कि इन दोनों राष्ट्रध्यक्षों की दोस्ती कितनी गहरी है। हालांकि इसी मौके पर भारत ने चीन के सामने पाकिस्तान के आतंकवाद का मुद्दा उठा। इसका कारण ये है कि भारत को भी पता है कि चीन हमेशा ही पाकिस्तान की तरफ रहता है। इस मौके पर चीन को समझाने की कोशिश रही कि अभी पाकिस्तान के साथ बात करने जैसे हालात नहीं हैं। ये भी पढ़ें:-भारत ने चीन को दी बड़ी टक्कर, अब अंतरिक्ष में होगा पहला ‘युद्धाभ्यास’

मोदी ने इमरान को किया था अनदेखा

 

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