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तो इन गेंदबाजों से लगता था युवराज सिंह को डर, संन्यास के बाद किए कई खुलासे

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भारत की झोली में दो बार विश्व कप का खिताब डालने वाले खिलाड़ी युवराज सिंह ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। इसकी जानकारी खुद युवराज सिंह ने प्रेस वार्ता कर के दी। जब अपने संन्यास के लिए स्पीच दे रहे थे तब युवाराज अपने क्रिकेट करियर को लेकर काफी भावुक हो गए। युवी ने कहा उनका करियर एक रोलर-कोस्टर की तरह रहा है। युवराज आगे कहते है कि वो काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है। इसी दौरान युवराज ने उन दो गेंदबाजों का नाम भी बताया जिनके नाम से वो खौफ खाते थे। युवराज ने कहा कि श्रीलंका के महान ऑफ स्पिनर और दुनिया भर के बल्लेबाजों को अपनी उंगली पर नचाने वाले मुथैया मुरलीधरन से उन्हें डर लगता था। इनके अलावा युवराज ऑस्‍ट्रेलिया के खतरनाक तेज गेंदबाज ग्‍लेन मैक्‍ग्रा का सामना करने से भी बचते थे। ये दो गेंदबाज उन्हें सबसे चुनौतीपूर्ण लगता था। साथ ही युवराज ने बताया कि ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व कप्‍तान रिकी पोंटिंग और वेस्‍टइंडीज के ओपनर क्रिस गेल उनके दो पसंदीदा विदेशी क्रिकेटर हैं। बता दें कि युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट साल 2012 में खेला था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह अंतिम बार 2017 में दिखे थे। युवराज ने साल 2000 में पहला वनडे, 2003 में पहला टेस्ट और 2007 में पहला टी-20 मैच खेला था। ये भी पढ़े- क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद ये काम करेंगे महेन्द्र सिंह धोनी, वीडियो जारी करके दिए संकेत

युवराज सिंह के रिकॉर्ड
जनवरी 2000: युवराज सिंह ने 2000 में श्री लंका में अंडर-19 विश्व कप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 33.83 की औसत से 203 रन बनाए

अक्टूबर 2000: युवराज ने नैरोबी में केन्या के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के साथ भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया।

अक्टूबर 2000: एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और पहली अंतरराष्ट्रीय पारी खेल रहे युवराज ने आईसीसी नॉकआउट टूर्नमेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल में 80 गेंद में 84 रन बनाकर भारत को यादगार जीत दिलाई।

जुलाई 2002: युवराज ने 69 रन की पारी खेली और मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर भारत को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 2 विकेट की रोमांचक जीत दिलाई।

जनवरी 2004: युवराज ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 122 गेंद में 139 रन की पारी खेली जो उस समय उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी थी।

फरवरी 2006: एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों युवी ने पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 4-1 की जीत के दौरान उन्होंने नाबाद 87 और 79 रन की पारी खेली जिससे टीम इंडिया ने सीरीज जीती। उन्होंने इस सीरीज में 93 गेंद में नाबाद 107 रन भी बनाए जिससे भारत 287 रन के लक्ष्य का पीछा करने में सफल रहा।

सितंबर 2007: पहले विश्व टी20 में युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के जड़कर रेकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराया। उन्होंने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 70 रन की मैच विजेता पारी खेली जिसके बाद भारत ने ऐतिहासिक खिताब जीता। सबसे लंबा 119 मीटर का छक्का जड़ने का रेकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।

दिसंबर 2007: युवराज को भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए हमेशा जूझना पड़ा लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरु में 169 रन की पारी खेली जिससे भारत ने घरेलू सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती।

19 फरवरी से 2 अप्रैल 2011: यह युवराज सिंह और भारतीय टीम के लिए स्वप्निल विश्व कप रहा। भारत ने 28 साल बाद दोबारा विश्व कप जीता। युवराज ने 9 मैचों में 90.50 की औसत से 362 रन बनाए जिसमें एक शतक और 4 अर्धशतक शामिल रहे।

जनवरी 2017: युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ कटक में 122 गेंद में 134 रन की पारी खेली जिससे भारत ने 15 रन से जीत दर्ज की। ये भी पढ़े-क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद ये काम करेंगे युवराज सिंह

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