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चुनावी साल में सामने आई BJP की ‘लकी’ कुर्सी, पीएम मोदी को बैठाने की तैयारी

राजनीति में कई ऐसी कहानियां सुनने के मिली है। जो लगती तो अंधविश्वास है, लेकिन नेता और पार्टियां उन पर आंख बंद कर के भरोसा करती है। इसी कड़ी में बीजेपी के पास भी एक ऐसी ही कहानी या यू कहे चीज है, जो पार्टी के लिए काफी भाग्यशाली मानी जाती है। इतना ही नहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता इस वस्तु का इतना ध्यान रखते है कि इसे एक कांच के बक्से में बंद करके रखा जाता है और समय आने पर बाहर निकाला जाता है।

दरअसल बीजेपी के ये लकी वस्तु एक लकड़ी की कुर्सी है, जी हां, हैरानी की बात बेशक है। लेकिन सच भी है। बीजेपी पार्टी के पास एक ऐसी कुर्सी है। जिसे पार्टी के नेता अपनी पार्टी के लिए काफी भाग्यशाल मानते है। कहा ये भी जाता है कि जब जब पीएम मोदी इस कुर्सी पर बैठे है। तब तब चुनाव में पार्टी ने कानपुर और उससे सटी सीटों पर जीत हासिल की है। जिसके चलते कुर्सी को कांच की बक्से में बंद करके रखा जाता है।

वही 2019 के चुनावी साल को देखते हुए अब पार्टी हाईकमान ने इस कुर्सी को फिर से बाहर निकालने के फैसला किया है। ताकि पार्टी 2019 में भी फतह हासिल करे। दरअसल पार्टी इस कुर्सी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार रैली में पेश करना चाहती है। जिसके चलते इस कुर्सी का रंग –रोंगन का काम भी शुरू हो गया है। इस रैली के जरीए एक बार फिर पार्टी के नेता पीएम मोदी को इस कुर्सी पर विरामान कराएंगे। जिससे पीएम मोदी एक बार फिर केंद्र की सत्ता में विराजे।

दिलचस्प बात तो ये है कि ये कुर्सी 2014 के चुनाव के बाद 5 साल से अब तक एक कांच के बक्से में बंद है। जिसे लोकसभा चुनाव में निकाला जा रहा है। इससे पहले ये कुर्सी कई विधानसभा चुनाव में निकाली गई है और जहां जहां पीएम मोदी इस कुर्सी पर बैठे हैं बीजेपी ने जीत दर्ज की है। कानपुर से बीजेपी जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी का कहना है कि 2014 लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी न उत्तर प्रदेश में अनपी पहली चुनावी विजय शंखनाथ रैली की थी। इस दौरान पीएम मोदी इंदिया नगर मैदान में पहली बार इस कुर्सी पर बैठे थे। उसके बाद अप्रैल में कोयला नगर में रैली के दौरान पीएम मोदी इसी कुर्सी पर बैठे थे। जिसके बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठे थे।

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