मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अचानक जम्मू-कश्मीर से वापस बुलाए 10 हजार सुरक्षाकर्मी, जानें वजह

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने एक साल पहले यानी 5 अगस्त 2019 के दिन एक एतिहासिक फैसला लिया था। पीएम मोदी ने इन दिन जम्मू-कश्मीर की आजादी का ऐलान करते हुए धारा 370 को हमेशा के लिए खत्म कर दिया था। पीएम मोदी ने इस फैसले को लेने से पहले घाटी में कई तरह की तैयारियां की थी। जिसमें जम्मू कश्मीर के नेताओं को बंदी बनाने से लेकर राज्य में चप्पे-चप्पे पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती तक शामिल है लेकिन अब सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिससे माना जा रहा है कि एक साल बाद जम्मू कश्मीर में स्थिति पूरी तरह ठीक हो गई है।

दरअसल केंद्र सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से 10,000 अर्धसैनिक बलों को वापस बुलाने का आदेश दे दिया है। जिसकी जानकारी बुधवार को अधिकारियों द्वारा दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनानी की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार ने 100 सीएपीएफ की कंपनियों को तत्काल प्रभाव से वापस बुलाने का निर्देश दिया है। इन कंपनियों को पिछले साल अनुच्छे 370 (Article 370) हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले से पहले जम्मू-कश्मीर में नियुक्त किया गया था। अब इन कंपनियों को वापस इनकी बेस लोकेशन पर भेजा जाएगा।

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वहीं, सरकार के निर्देश के अनुसार, इस हफ्ते तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कुल 40 कंपनियां और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल की 20 कंपनियां जम्मू-कश्मीर से वापस बुलाई गई है। एक सीरीआरपीएफ कंपनी में लगभग 100 कर्मी होते है। सीआरपीएफ की इन इकाइयों को वायु मार्ग द्वारा दिल्ली और अन्य स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि अब घाटी में अब सीआरपीएफ के पास 60 बटालियन की ताकत होगी। वहीं, सीएपीएफ की ताकत कम कर दिया जाएगा।

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